“How To Claim Acid Attack Victim From Government, Best 2022”
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“How To Claim Acid Attack Victim From Government, Best 2022”
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Acid Attack Victim in Hindi – रेप  पीडिता या एसिड अटैक पीडिता सरकार व  कोर्ट से मुआवजा ( Claim ) कैसे ले , मुआवजा ( Claim ) कितना मिल सकता है और यह  किन आधारों पर मिलता है और कहा से व किन आधारों पर मिलता है। यह जानने के लिए अंत तक पूरा आर्टिकल पढ़े।   

Contents

महिलायों को कोर्ट ( Court ) से अपने पर हुए जुल्म जैसे रेप, एसिड/बर्निंग अटैक ( Acid Attack Victim ) के लिए जुरमाने के तोर पर पैसा भी मिलता है |

और आपने देखा होगा की कोई भी केस ( Case ) हो उसका टाइटल स्टेट वर्सिस ही होता है और दरअसल कोई भी जुर्म ( Crime ) होता है 

तो वह  स्टेट यानी  सरकार के खिलाफ होता है और  ऐसे में सरकार ही शिकायतकर्ता को जुर्माने ( Claims ) के तोर पर पैसा ( Cash ) देती है , ( Acid Attack Victim Hindi )

और जो की सिर्फ महिलायों को ही Section – 376 IPC रेप के केस में, व 326A IPC एसिड अटैक केस ( Acid Attack ) या पोक्सो के केसों में मिलता है 

Acid Attack Victim – और यह  पैसा अफ. आई. आर. ( FIR ) होने के बाद लीगल ( Legal ) सर्विस अथॉरिटी या कोर्ट से लिया जा सकता है और पैसा कितना मिलेगा ये भी निश्चित होता है | 

BUT  कोर्ट या समिति अपनी ईच्छा  से केस के आधार पर कम या ज्यादा भी कर सकती है | तो आइये इसके बारे में विस्तार से जाने |

रेप पीडिता / acid attack case claim देने की शुरुआत कैसे हुई :-

आपको शायद याद होगा , Delhi  के वसंत विहार इलाके  में 16.12.2012 को चलती बस में एक बलात्कार  हुआ था और जिसने पुरे देश को हिला कर रख दिया था और जिसको हम निर्भया केस के नाम से जानते है | और इसी केस के बाद रेप पीडिता और एसिड अटैक केस ( Acid Attack Victim )  में मुआवजा देने की बात शुआत हुई थी |

Acid Attack Victim Hindi – सन 2012 में सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court ) में एक केस फाइल हुआ जिसका Title  था  “Nipum Saxena v/s  Union of India” W.P. (C)No. 565/2012 और  इस केस में सुप्रीम कोर्ट ने आर्डर ( Order ) दिया तथा  national legal service authority , या नेशनल लीगल सर्विस अथोरिटी एक कमिटी बनाये 

और जो की शारीरिक शोषण और रेप पीडिता व एसिड अटैक ( Acid Attack Victim ) केस की पीड़िताओ को मुआवजा दे  और तथा समय के अनुसार उसमे बदलाव भी करे और  महिलाओ से सम्बन्धित छेड़कानी, व रेप और ऐसिड अटैक ( Acid Attack ) की धाराओं में भी बदलाव करे | और इसके बाद से ही यह  कानून बना और इसमे वक्त  के साथ बदलाव भी हुये |

और इसके साथ ही साल –  2013 में रेप की धारा – 376 IPC, व एसिड अटैक की धारा – 326A IPC और छेड़कानी  से सम्बन्धित धारा 354 IPC में एक बड़ा ( Big ) अमेंडमेंट भी हुआ और साथ ही मुआवजा ( Claim ) देने की भी शुरुआत हुई |

Acid Attack Victim in Hindi – साल – 2013 State Government  ने national legal service authority नेशनल लीगल सर्विस अथोरिटी को  ( पैतीसों करोड़ रूपए ) दिये और जो की बाद में  देश की सभी state legal service authorities  या  डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विस अथॉरिटी को दिया गया | और अब इसी पैसे से ये मुआवजा ( Claim ) दिया जाता है | और समय समय पर इन ऑथोरिटीयो को रूपए  सरकार से मिलाता रहता है |


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और इसके साथ ही साल – 2018 में Supreme Court  के आदेश से ही NALSA ने नयी सकीम पेश कि जिसे आप महिला पीड़ितों/यौन उत्पीड़न/अन्य अपराधों की उत्तरजीवियों के लिए मुआवजा योजना, 2018 कहते है | और इसमें धाराओं के अनुसार कानून लिखा है |

Acid Attack Victim ( images 2 )

मुआवजे का हकदार कौन हो सकता है :-

इस स्कीम की Section – 4 के अनुसार पीड़ित महिला, miner होने की कंडीशन  में या पीडिता के जीवित नही होने की स्तिथि में उसके माता पिता या फिर उसके dependants मुआवजे ( Claim ) के हकदार होते है |

रेप पीडिता या Acid Attack Victim Claim  का आवेदन कहा करे  :-  

 

1. इस स्कीम की Section – 6 के अनुसार आप Online Portal  के द्वारा या फिर लिखित में अपने एरिया के (SLSA) state legal service authority या फिर (DLSA)  district legal service authority में आवेदन कर सकते है | और DLSA की ब्रांच आप को अपने डिस्ट्रिक्ट Court  के अंदर ही मिल जाएगी | और अब हर डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में इसकी ब्रांच है | और आप वहा पर आवेदन करे | या फिर वकील द्वारा आवेदन कर सकते है। 

2. ऐसिड अटैक पीडिता ( Acid Attack Victim ) के केस में Supreme Court  के एक आदेश जो की 10.04,2015 में केस Laxami v/ s  Union of India W.P. CRML 129/2006 में दिया गया था और जिसके अनुसार जलने या फिर ऐसिड अटैक ( Acid Attack ) होने की स्तिथि में पीडिता के मुआवजे ( Claim ) के लिए एक criminal injury compensation  board बनेगा और जिसके सदस्य डिस्ट्रिक्ट सेशन जज, और उस एरिया ( Aria ) के DM, व SP, व Civil Surgen/CMO होंगे | और यह  लोग निर्णय लेंगे की पीडिता को कितना मुआवजा ( Claim ) मिलना चाहिए |

3.  और इसके अलावा इन लोगो के मुआवजा ( Claim ) नही देने पर या मुआवजे में देरी करने पर आप ट्रायल कोर्ट में Section – 357A CRPC. में भी आवेदन कर सकते है | और जिसमे कोर्ट इस औथोरिटीयो को मुआवजा देने का आदेश ( Order ) देती है तथा आप चाहे तो मुआवजे की रकम भी ऐसिड अटैक केस ( Acid Attack Case ) को छोड़ कर निर्धारित कर सकती है |

एक रेप पीडिता एसिड अटैक पीडिता को मुआवजे देने के आधार क्या होते है :-

इस स्कीम की धारा – 8 के  अनुसार एक Acid Attack Victim मुआवजे के निर्धारण के लिए निमिन्लिखित आधार होते है :-

 

1. पीडिता ( Victim ) को कितनी चोट लगी है तथा वह  कितनी शारीरिक और मानसिक रूप से पीड़ित हुई है

2. पीडिता के इलाज व खाने पीने में कितना पैसा ( Money ) लगेगा या फिर उसे कोर्ट ( Court ) आने जाने में लगने वाला पैसा और कमेटी के पास आने व जाने में लगने वाला रुपया  तथा नाबालिक होने की कंडीशन  में उसके साथ उसके माता पिता का लगने वाला रुपया  और नाबालिक के माता पिता की कमाई का नुकसान  ( Lose ) इत्यादि |

3. पीडिता ( Victim ) के स्कूल में ना जाने से हुआ  नुकसान व शारीरिक तथा  मानसिक रूप से होने वाले शोषण तथा  नुकशान को मिला कर जो मुआवजा बने वह मिलता है। 

4. पीडिता की अगर कोई आय  है तो उसकी कमाई या सैलरी  जो भी इनकम रही हो और उसका नुकसान तथा नौकरी या फिर काम के करते हुए अस्पताल, कोर्ट ( Court ) या अन्य जगह किसी अन्य सरकारी ( Government ) या गैर सरकारी डिपार्टमेंट में आने जाने के समय और Rupay  के नुक्सान को मिला कर बना मुआवजा ( Claim ) इत्यादि | ( Acid Attack Victim )