नाबालिग बच्चों की कस्टडी पर माँ का अधिकार | Allahabad High Court | Best Legal News 2022

नाबालिग बच्चों की कस्टडी माँ के पास इलाहबाद हाई कोर्ट की मुहर

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नाबालिग बच्चों की कस्टडी पर माँ का अधिकार | Allahabad High Court | Best Legal News 2022
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Allahabad High Court – एक माँ का प्रेम बिना किसी शर्त व मूल्य के नाबालिग बच्चों को मिलना चाहिए। बच्चें के जीवन में एक विश्वास व मजबूती की नींव स्थापित करती है। माँ | 

Allahabad High Court – इलाहबाद हाई कोर्ट ने इस बात पर जोर देते हुए कि एक बच्चे के जीवन परिचय में विश्वास व  एक मजबूत नींव स्थापित करने के लिए एक माँ के प्रेम  को बिना किसी शर्त दिया जाना चाहिए।  इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में दो बच्चों को उनकी माँ की कस्टडी में दिया गया है ।

जस्टिस न्यायमूर्ति राहुल चतुर्वेदी की खंडपीठ ने बच्चे की कस्टडी की मांग याचना करते हुए मां द्वारा दायर अपील में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया।


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Allahabad High Court – इस वाद मामले में, इस जोड़े ने साल – 2016 में शादी कर ली व  उनके दो बच्चे थे। तथा बाद में, पत्नी को अपने पति की आत्महत्या या सुसाइड में आरोपियों में से एक के रूप में नामित किया गया था, और इस केस  मामले में जांच अभी भी चल रही है व इस केस में  आरोप पत्र अभी तक दायर नहीं किया गया है।

इस घटना के उपरांत व पति की मृत्यु के बाद, पत्नी अपनी Sister  के साथ चली गई BUT  उसके बच्चे अपनी नानी के पास रहे।

कुछ समय पश्चात  पत्नी ने बच्चों की कस्टडी के लिए Allahabad High Court  का रुख किया।

Allahabad High Court Latest News – शुरुआत के दिनों में , Court  ने माना कि हिंदू अल्पसंख्यक व  अभिभावक अधिनियम की Section – 6 ए पर विचार करने के बाद,

न्यायलय  ने कहा कि यह प्रावधान नाबालिग बच्चे की Property  के अभिभावक होने के पिता के Rights  को सुरक्षित रखता है BUT  पिता बच्चे के व्यक्ति का अभिभावक नहीं है और जबकि  बच्चा 5 साल से छोटा हो।

Allahabad High Court Order – इस पर न्यायलय  ने आगे टिप्पणी की कि प्रावधानों में एक अपवाद है और जिसमें कहा गया है कि यह जब बच्चा 5 वर्ष से कम आयु  का होता है, तो उसकी कस्टडी  मां को दी जानी चाहिए। ना की नानी को

इस संदर्भ में Court ने कहा कि एक बच्चे के जीवन में विश्वास के साथ भावनात्मक अंतरंगता की एक मजबूत नींव की स्थापना करने के लिए एक माँ का प्रेम  बिना किसी शर्त दिया जाना चाहिए।

इस संदर्भ में Court ने कहा कि एक बच्चे के जीवन में विश्वास के साथ भावनात्मक अंतरंगता की एक मजबूत नींव की स्थापना करने के लिए एक माँ का प्रेम  बिना किसी शर्त दिया जाना चाहिए।

शीर्षक –  सनाया शर्मा (नाबालिग) And Other  बनाम State of Up  And Other 
मामला संख्या न ० –  बंदी प्रत्यक्षीकरण रिट याचिका न ० – 165/2022

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