Delhi Street Food =इंजीनियर कपल जॉब छोड़ लगाया चाउमीन का ठेला|Best 2022
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Delhi Street Food =इंजीनियर कपल जॉब छोड़ लगाया चाउमीन का ठेला|Best 2022
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Delhi Street Food  – कैमिकल इंजीनियर कपल ने 1.25 लाख रूपए की नौकरी छोड़कर चाऊमीन का ठेला लगाया। बिना किसी बैकग्राउंड के स्ट्रीट फ़ूड में पहचान बनाकर कमाल किया है। 

Delhi Street Food – दिल्ली शहर में रहना और उसमे अपनी जरूरतों को पूरा करना इतना आसान नहीं होता है। और बेरोजगारों के लिए तो काफी कष्टकारी समय होता है। वह अपने सपनों को पूरा करने के लिए दिन – रात एक कर देते है। लेकिन दिल्ली के रहने वाले मोहित अरोड़ा के साथ ऐसा नहीं था। 

Street Food – दिल्ली शहर के निवासी मोहित अरोड़ा पेशे से एक कैमिकल इंजीनियर थे। और प्रति महीना सवा लाख रूपए ( 1,25000 रूपए ) कमा रहे थे। घर चलाने में उन्हें किसी प्रकार की कोई कमी नहीं थी। वह अपने खर्च को आसानी से पूरा कर लेते थे। 

Delhi Street Food – मोहित अरोड़ा जी की वाइफ की बात करें तो उनका नाम महक है। और पेशे से वह एक कॉस्मोलॉजिस्ट है। और साल – 2018 में दोनों की शादी हुई थी। किसी भी प्रकार की उन्हें चिन्ता करने की आवयश्कता नहीं थी। फिर भी दोनों के मन में एक बेचैनी थी उन्हें एक ऐसी ख़ुशी की तलाश थी जिसे वह पूरा कर सके। 

Business Idea , Street Food Stall – स्ट्रीट फ़ूड का आईडिया अच्छा लगा

Street Food Cart – मोहित अरोड़ा और उनकी पत्नी अपनी लाइफ में कुछ नया करना चाहते थे जो उन्हें ख़ुशी व आराम भी दे , काफी सोच – विचार कर उनके सामने दो विकल्प थे। पहला सैलून खोलने का , BUT इसका महक जी को कोई अनुभव प्राप्त नहीं था साथ ही मशीन खरीदने के लिए रूपए काफी इन्वेस्ट करने पड़ते | 

दूसरा Idea – स्ट्रीट फ़ूड स्टाल लगाने का आईडिया मन में आया लेकिन इसे चलाने का भी कोई एक्सपीरियंस नहीं था। परन्तु इसमें रिस्क कम था और पैसों का इन्वेस्ट भी कम था। अक्सर , मोहित जी घर में खाना बनाते थे जो काफी टेस्टी होता था। इसलिए दोनों ने साथ में काम करने का फैसला किया। 


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The Boss Cafe Starters || बॉस कैफे फ़ूड स्टॉल की शुरुआत

The Better India की रिपोर्ट के अनुसार मोहित अरोड़ा व वाइफ ने मिलकर साल – 2019 में रोहिणी सेक्टर – 7 अयोध्या चौक के पास में The Boss Cafe के नाम से फ़ूड स्टॉल की शुरुआत की और पहले केवल 2 ही वैरायटी के फ़ूड रखना शुरू किया। 

इन वैरायटी में पहला – सोया चाप , दूसरा – मोमोस शामिल थे। और इस काम को जोड़ने में 50 हजार रूपए की लागत आयी थी। इस काम को जोड़ने में उनके भाई ने भी हेल्प की थी। 

Delhi Street Food – फ़ूड स्टॉल को एक स्कूटर के गैराज की जगह लेकर किया जिसमे काफी कम स्पेस था। फ़ूड स्टॉल में बैठने की व्यवस्था व टीन शेड जो गर्मी , बारिश से बचाते बिल्कुल इंतजाम नहीं थे। आज बॉस कैफे की कमाई 3 लाख रूपए प्रति माह है। इतना आसान नहीं था इस सफर को तय करना क्योकि आसपास के लोगों के कमेन्ट भी सुनने को मिले पर हमने हिम्मत नहीं हारी और सारा ध्यान अपने स्टॉल की सफलता में लगा दिया। 

कम्पनी ने माना ऑफर || The Company Accepted The Offer

Street Food – मोहित अरोड़ा व वाइफ जिस कम्पनी में जॉब करते थे वहां के मालिक से यह बात कहकर नोकरी छोड़ी की की हम अपना फ़ूड स्टॉल का बिजनेस शुरू कर रहे है। और यह बिजनेस नहीं चला तो हम वापस कम्पनी ज्वॉइन कर लेंगे और 6 महीने का समय मांगा | चुकी कम्पनी में उनका रिकॉर्ड अच्छा था इसलिय कम्पनी ने उनकी बात मान ली | 

Street Food ( chawmiem images )

पड़ौसी व आसपास के लोग ताने मारते थे || Neighbors and People Around Used to Taunt

Delhi Street Food – The Better India की टीम से इस विषय में बातचीत हुई तो उन्होंने बताया की लोग इस बिजनेस में महिलाओं का आना पसन्द नहीं करते थे और उन्हें कहते की महिलाओँ का बाजार में काम करना मर्यादा नहीं है। वहीं पड़ौसी कहते की मूर्ख है जो इंजीनियर का काम छोड़ ठेले पर काम करने निकले। कुछ लोग यह भी कहते की माता -पिता का पैसा बर्बाद कर दिया और कुछ ने कहा इंजीनियर नाम का पेशा खराब कर दिया। BUT मोहित अरोड़ा ने इन कमेंट्स के बावजूद हार नहीं मानी और सफर चालू  रखा | 

चाऊमीन में लगाया लाजवाब तंदूरी तड़का || Amazing Tandoori Tempering in Chowmein

Street Food  – The Boos Cafe फाउन्डर मोहित जी ने कहा हमने अपनी डिश में स्पेशल करने के लिए उसमे तन्दूरी फ्लेवर की योजना बनाई और इसका राज है घर का बना हुआ मसाला , और कोयले का थुगाड़ का शामिल है। वह चाऊमीन में सब्जी के साथ मसाला फ्राई करते है और फिर नूडल्स डालते है। व बीच में कटोरी में कोयला रखते है व चाऊमीन में चारों तरफ बटर डालकर कुछ समय के लिए ढक देते है। जो इसको टेस्टी लुक देती है। इसकी एक प्लेट 100 रूपए की होती है। 


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ज्यादा लालच नहीं किफायती मूल्य चुनते है || Don’t be Greedy, Choose Economical Price

Street Food – महक जी ने अपने संदेश में कहा है की हमें पैसों का ज्यादा लालच नहीं है। हमने किफायती दर पर डिश का मूल्य रखा है। बीते समय लॉकडाउन लगने से बड़ी मुश्किल में हम अपने आपको बचा पाए है। अन्य लोगो को हम यही संदेश देना चाहते है। की हमें अपने सपनों को पूरा करने के लिए पूरी कोशिश करनी चाहिए  , सफलता व असफलता हमारी मेहनत पर निर्भर करती है। परन्तु आपको ख़ुशी इस बात की रहती है की हमने कोशिश तो की |