चीन की चाल से ( Sri Lanka ) हुआ कंगाल | Best Hindi News 2022
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चीन की चाल से ( Sri Lanka ) हुआ कंगाल | Best Hindi News 2022
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Sri Lanka – श्री लँका कंट्री में दिसंबर माह में आपातकाल की घोषणा हो चुकी है। और इसका सबसे बड़ा कारण चीन ( ड्रैगन ) से भारी मात्रा में कर्ज लेना है। 

Sri Lanka – के लिए यह नया वर्ष कुछ ठीक नहीं रहा है। श्री लँका आर्थिक तंगी का सामना कर रहा है। श्री लँका ने दिसम्बर महीने में आपातकाल की घोषणा कर दी थी। श्री लँका के निवासी रोजमर्रा की वस्तुए भी नहीं खरीद पा रहे है। वहाँ के निवासी परिवार की जरुरत से कम मात्रा में दूध व सब्जी खरीद रहे है। 

भारत देश का पड़ौसी ( Sri Lanka ) इस समय बुरे हालातो से गुजर रहा है। BUT श्री लँका के पुराने समय को हमें नहीं भूलना चाहिए , वह चीन के कर्ज तले इतना दबा जा रहा है। की अभी तक उसका कर्ज चुकाने में असक्षम महसूस कर पा रहा है। श्री लँका की दशा ऐसी हो रही है। जैसे किसी मछुआरे के जाल में फसी मछली तड़प – तड़प कर जान दे देती है। और वह उसमे से चाह कर भी नहीं निकल पाती है। कुछ वैसा ही हाल श्री लँका का है। 

What is The Roll of China in Sri Lanka – श्री लँका में चीन की क्या भूमिका है ?

Sri Lanka Hindi News – चीन ने अपना एक प्रोजेक्ट लॉन्च किया है। जिसका नाम है। वन बेल्ट रोड जिसका अर्थ है। चीन की सीमाओं को सुदूर देश की सीमा में जोड़ना , चीन ने इस प्रोजेक्ट में बहुत सी परियोजनाओं को लागू किया हुआ है। जिसमें वह देश के आर्थिक ढांचे को सुद्रण करने के लिए कर्ज देता है। और कर्ज न चुकाने के एवज में वहाँ की सत्ता को हथियाने का प्रयास करता है। 

{ उदाहरण – 1 } 

Sri Lanka – श्री लंका का हब्बनटोटा बंदरगाह को चीन ने कर्ज न चुकाने पर 99 साल की लीज पर कब्ज़ा कर लिया है। श्रीलंका ने यह कर्ज 700 अमरीकी मिलियन डॉलर की राशि नहीं चुकाने पर किया है। श्रीलंका यहीं पर नहीं रुका उसने संसद में बिल पास करके कोलबो बंदरगाह के विकास के लिए चीन के किसी कार्य में हस्तशेप नहीं करने का ऐलान कर दिया था। साल 2014 में भी महिंद्रा राजपक्षे की सरकार थी और साल 2019 में महिंद्रा राजपक्षे की सरकार में आते ही श्रीलंका की आर्थिक स्थिति कमजोर है। 

Sri Lanka Area – श्रीलंका का क्षेत्रफल कितना है।

Sri Lanka – श्रीलंका कंट्री का क्षेत्रफल ( 65,610 , s. q किलोमीटर ) है। सरल भाषा में जाने तो भारत देश के तमिलनाडु राज्य के आधे भाग के बराबर है। और हिन्द महासागर क्षेत्र में व्यापारिक दृस्टि से मुख्य केंद्र है। भारत की चिंता का विषय यह है की चीन द्वारा कोलंबो पोर्ट को कब्जे में लेने के बाद महज 100 किलोमीटर की दूरी पर है। 


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Sri Lanka Population – श्रीलंका की जनसख्याँ कितनी है।

Sri Lanka Hindi News – श्रीलंका की साल – 2021 की बात करें तो लगभग 21.497 करोड़ है। और वही बात साल – 2020 की तो लगभग 20.19 करोड़ थी। सरकार ने जनसख्याँ बढ़ने के साथ खाद्य संकट को दूर करने में विफल रही है। जिससे मॅहगाई आसमान छूने लगी है। और दो वक्त की रोटी मिलना मुश्किल हो गया है। 

Sri Lanka Minister ( images )

श्री लंका पर्यटन उद्योग समाप्त होना – Sri Lanka Tourism Industry to End

Sri Lanka – श्री लंका में साल 2018 में पर्यटन उद्योग अपनी चरम सीमा में था। शिन्हुआ एजेंसी रिपोर्ट के मुताबिक श्री लँका की वार्षिक आय 45.5 करोड़ रूपए थीं। जिससे वहाँ की सरकार फूली नहीं समा रही थीं। आकड़ो की रिपोर्ट के अनुसार श्री लंका एशिया में पर्यटन का दूसरा सबसे बड़ा हब बन चुका था। विदेशी ग्राहक की पसंदीदा जगहों में श्री लंका , मालद्वीव , गोवा आदि है। 

Sri Lanka – श्री लंका में साल – 2019 से 2020 तक कोरोना महामारी के चलते पर्यटन उद्योग लगभग समाप्त हो जाने से भयावह स्थिति उत्पन्न हो गई है। इस उद्योग में कार्यरत लगभग 2000 लोगो को अपनी नौकरी गवानी पड़ी है। यहाँ आने वाले ट्रैवेलर्स के लिए सेफ्टी के लिए नियम भी बनाए गए है। श्री लंका की आधी आबादी पर्यटन उद्योग पर निर्भर रहती है जो लंका सरकार के विकास में योगदान प्रदान करती है। 


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किसानों का खेती करने के लिए डर लगना – Farmers Fear for Farming

Sri Lanka – के किसान खेती करने से बच रहे है। और इसका प्रमुख कारण  यहाँ के सरकार की नीतियाँ है। श्री लंका सरकार ने सभी कीटनाशक दवाइयों व उर्वरक खाध पर पिछले साल रोक लगा दी थी जिससे किसानों का खेती करना मुश्किल हो गया तथा घाटे के नुकसान को लेकर किसान डर गए और खेती करना बंद कर दिया। हालांकि सरकार ने बाद में बढ़ती मॅहगाई व खाने – पीने की वस्तुओं में गिरावट की दर को देख्ते हुए पाबन्दी हटा दी। 

श्री लंका की राजपक्षे सरकार विदेशी कर्ज में ज्यादा होने की वजह से किसानों के लिए उर्वरक अनाज में सब्सिडी नहीं दे पा रही है। जिससे आयातित समान मॅहगा मिल रहा है। किसानों की बात सुने तो उन्होंने कहाँ की सरकार का खजाना खाली हो चुका है। हमें सब्सिडी देने के लिए उनके पास पैसे नहीं है।