Heart Attack से बचाए मिट्टी का घड़ा | Best Knowledge 2022
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Heart Attack से बचाए मिट्टी का घड़ा | Best Knowledge 2022
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हार्टअटैक ( Heart Attack ) व बीपी से छुटकारा पाना चाहते है। तो मिट्टी के घड़े का पानी आपके शरीर से निकालेगा कोलेस्ट्रॉल , फ्रिज का पानी पीते है। तो यह बहुत सी बीमारियों की जड़ बनाता है। 

Heart Attack se Bachane Ke Upay – गर्मी का मौसम का दिन आते ही मटके यानि मिट्टी का घड़ा की अहमियत बढ़ने लग जाती है। और इसका पानी पीने में जितना ठंडा ( Cold ) है, और उतना ही सेहत के लिए अच्छा व फायदेमंद। और आज आरओ (ARO) और फ्रिज का पानी होने के बावजूद लोग घड़े का पानी पीना ( Drink ) जरूरी समझ रहे हैं। और मटके का पानी शरीर के पीएच ( PAH) लेवल को बैलेंस करता है 


Heart Attack se Bachane ke upay – और इसका पानी पीने Drink करने से मिट्टी के नेचुरल मिनरल बॉडी में पहुंचते हैं। और आयुष मंत्रालय ( Office ) के राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ में प्रोफेसर अच्युत त्रिपाठी के अनुसार फ्रिज ( Friz )के पानी में एक प्रकार की गैस होती है, जिसका नाम R -438 फ्रीयोन होती है। जो सेहत के लिए हानिकारक ( Harmful ) होती है। और यह गैस फ्रिज में रखे सफेद पदार्थों को ज्यादा नुकसान ( Harm ) करती है, और उसके प्रभाव से एल्कलाइट्स खत्म हो जाते हैं। 

और फ्रिज ( Friz ) के पानी को पीने से अर्थात प्यास नहीं बुझती, संतुष्टि नहीं होती। फिल्टर्ड वॉटर से इधर घड़े में नेचुरल ऑक्सीजन छनकर आती है,और  जिस वजह से वह सेहत के लिए अधिक फायदेमंद हो जाता है।


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अमृत माटी इंडिया ट्रस्ट संस्था क्या कहती है। 

Heart Attack se kaise Bache – अमृत माटी के चेयरमैन अंजनी किरोड़ीवाल पिछले 15 वर्षो  से मिट्टी ( Mitti ) के बर्तन के वैज्ञानिक फायदों पर रिसर्च कर रहे हैं। और साल 1913 में जर्मनी ( Germany ) में हुई एक रिसर्च के बारे में बताते हुए वे कहते हैं कि इस अध्ययन ( Study ) के अनुसार व्यक्ति को 1-14 तक का पीएच लेवल दिया गया है। और हमारे शरीर में अलग-अलग द्रव्य Liquid पाए जाते हैं 

और इन  सभी का पीएच अलग होता है। और जिस व्यक्ति ( Person ) का पीएच लेवल सात है और वह न एसिडिक है और न ही एल्कलाइन यानी वह न्यूट्रल है। और जिस व्यक्ति ( Person ) का पीएच 7 से नीचे की ओर आता है तो उस व्यक्ति ( Person ) का शरीर एसिडिक है।

पीएच लेवल 7 से लेकर 14 की तरफ जाने का मतलब है कि शरीर ( Body ) में एल्कलाइन (क्षारीयता) बढ़ती है। और पीएच 7-14 का होने का मतलब है कि आपको भविष्य ( Future ) में गंभीर बीमारियों का खतरा न के बराबर होगा। और मिट्टी का घड़ा एल्कलाइन फॉर्मेट में होता है और यानी क्षारीय प्रवृति का होता है। और इसलिए मिट्टी के घड़े में पानी पीने से शरीर ( Body ) की अम्लता घटती और क्षारीयता बढ़ती है। और जिससे Heart Attack व बीपी का खतरा कम होता है। कुल मिलाकर यह कहा जाए तो मिट्टी के घड़े का पानी शरीर के लिए सबसे फायदेमंद माना जाता है।

Heart Attack से बचाए मिट्टी का घड़ा ( images 1 )
दैनिक भास्कर द्वारा साझा जानकारी ( प्रतीकात्मक तस्वीर )

घड़े में पानी कैसे ठंडा होता है 

Heart Attack se bachane ke upay – मिट्टी के घड़े  में पानी ठंडा होने के पीछे वही प्रक्रिया है जिस प्रकार  त्वचा से पसीना सूखने की है। और इसे ऐसे भी समझा जा सकता है कि जब गर्मी में आपको खूब पसीना आता है तो वह पसीना बह जाने के बाद आपकी स्किन ठंडी महसूस होती है। और इसी प्रकार घड़े में पानी (Water)  भरा होने पर उसके सूक्ष्म छिद्रों से हवा आर-पार होती रहती है और जिससे पानी हमेशा ठंडा रहता है। और जितना ज्यादा हवा घड़े से आर-पार जाएगी उतनी ही  ज्यादा पानी भी ठंडा होगा।


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गर्मियों में घड़े का पानी पीना क्यों जरूरी 

भारतीय अनुसन्धान आयुष मंत्रालय के राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ में प्रोफेसर अच्युत त्रिपाठी के अनुसार , घड़े का पानी पीने से कफ व  कोल्ड व Heart Attack व बीपी जैसी समस्या नहीं होती, और जबकि फ्रिज ( Friz ) का पानी पीने से इम्यून सिस्टम कमजोर होता है और घड़े का पानी शरीर ( Body ) को ठीक रखता है।

तथा मिट्टी का घड़ा  का पानी पीने से बार-बार प्यास नहीं लगती। और यह पानी शरीर ( Body ) में ऑक्सीजन की मात्रा ठीक रखता है। तथा कुम्हार जब मिट्टी को पकाकर घड़ा तैयार करता है तो उस घड़े का पानी पीने ( Drink ) से शरीर से जहरीले पदार्थ भी बाहर निकलते हैं।

और अंजनी किरोड़ीवाल का कहना कि मिट्टी के घड़े का पानी पीने से शरीर में क्षारीयता बढ़ती है और  जिससे मुंह का स्वाद व गंध ठीक होती है। वह पानी ( Water ) जब पेट में जाता है तो पाचन से जुड़ी सभी परेशानियों को दूर करता है। व Body में मौजूद कोलेस्ट्रॉल को कम करके एल्कलाइन वाटर हार्मोन को संतुलित करता है। और बढ़ती उम्र के प्रभाव को कम करता है। यह वजन को बढ़ने नहीं देता। यह शरीर के जहरीले तत्त्व को बाहर निकालता है। तथा त्वचा को अच्छा ( Good ) बना देता है।