Live in Relationship Rules in Hindi |Best Human Rights Law 2021
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Live in Relationship Rules in Hindi |Best Human Rights Law 2021
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Live in Relationship – प्रत्येक बालिग लड़का व लड़की को लिव इन रिलेशनशिप में मिलने वाले फायदे और नुकसान तथा साथ ही आपस के सम्बन्धो को चलाने की कानूनी जानकारी पता होनी चाहिए। 

Live in Relationship – आज के समय में हमारे भारत देश में युवा वर्ग की पीढ़ी बहुत ही तेज गति से जीवन – निर्वाह करने के तरीके को बदल रही है। और यह बदलाव विदेशी संस्कृति अपनाने को मजबूर कर रहा है। और इसका सबसे बड़ा कारण हमारी भौतिक जरूरतों का बढ़ना है। और लिव इन रिलेशनशिप पश्चिमी सभ्यता का ही एक अंग है। 

लिव इन रिलेशनशिप क्या है। ?

Live in Relationship – लिव इन रिलेशनशिप प्रेम व आकर्षण की वह डोरी होती है जिसमें लड़का – लड़की अपनी शारीरिक व मानसिक आव्यशकता की पूर्ति के लिए पति -पत्त्नी जैसा जीवन निर्वाह करते है। और किसी प्रान्त या देश में यह लिव इन रिलेशनशिप के नाम से जाना जाता है। 

Live in Relationship – आज की आधुनिक जीवन पद्धति में अरेंज मैरिज का जीवन जीने से बढ़िया ऐसा जीवन जीना ज्यादा बढ़िया मानते है जिसमे किसी भी प्रकार की रोक – टोक न हो , तथा किसी प्रकार का सामाजिक बन्धन न हो , लेकिन समाज में इन दैनिक कार्यो ठीक नहीं समझा जाता है। और इसका कारण शादीशुदा लाइफ व लिव इन रिलेशनशिप में कुछ ही बातों का अन्तर होता है। 

Live in Relationship Law in Hindi

Live in Relationship – लिव इन रिलेशनशिप घरेलू हिँसा एक्ट – 2005 के Section  – 2 ( F )  अनुसार वह कपल पति – पत्त्नी न होते हुए भी एक ही घर में रहते हुए पति -पत्नी जैसा समान व्यवहार करते है लिव इन रिलेशनशिप के अन्तर्गत आता है। 

नोट – यह विचार करने योग्य विषय है। की – इसके लिए अलग से किसी कानून को नहीं बनाया गया है। इसलिय कपल के किसी भी विवाद के निपटारे के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर निर्भर रहना होगा और उसको मानना भी पड़ेगा। 

लिव इन रिलेशनशिप किन परिस्थितियों में वैध माना जाता है। ?

  • Live in Relationship – लिव इन रिलेशनशिप में किसी भी कपल को लगातार कुछ वर्षो तक साथ रहना जरुरी है। ऐसा न हो की कुछ साथ रहे और फिर छोड़ दिया बाद में कुछ दिन बीतने के बाद फिर साथ रहने लगे | 
  • Live in Relationship – लिव इन रिलेशनशिप में कपल को एक ही घर में साथ रहना पड़ता है। वह किसी ओर से शादी के बन्धन में न बँधे हो 
  • लिव इन रिलेशनशिप में कपल को घर के भौतिक संसाधान ( वस्तुएँ ) साथ में रहकर यूज़ करनी होती है। जिस प्रकार एक पति – पत्नी साथ रहकर करते है। 
  • लिव इन रिलेशनशिप में यह ध्यान रखने योग्य बात है कि – कपल को बच्चा हो जाय तो उसको अपना नाम दे , और उसकी परवरिश भी सँयुक्त रूप से करें। 
  • लिव इन रिलेशनशिप में मान्यता प्राप्त होने के लिए दोनों का बालिग होना आवयशक है। बालिग न होने की स्थिति में इस प्रकार के सम्बध अमान्य हो जाते है। 

Section 125 Crpc Benefits in Hindi + महिला को भरण -पोषण का अधिकार

Live in Relationship – लिव इन रिलेशनशिप में रह रही है। विवाद होने पर वह महिला अपने साथी से कोर्ट में दावा पेश कर भरण – पोषण का अधिकार प्राप्त कर सकती है। अदालत ने साफ शब्दों में कहा है। कि भले ही कपल की कानूनी शादी नहीं हुई , BUT दूसरा साथी पक्षकार अपनी जिम्मेदारी बच नहीं सकता है। 


इसकी भी जानकारी लें  –Couple Legal Rights in Hindi – कपल्स के कानूनी अधिकार | Best 2021


लिव इन रिलेशनशिप से हुई सन्तान के अधिकार

Live in Relationship – लिव इन रिलेशनशिप में सन्तान पैदा हो जाने पर उसके माता -पिता दोनों पक्षकार होते है। ऐसे में न्यायलय ने कहा है। की इस प्रकार के रिश्तो से उत्पन्न सन्तान की कोई गलती नहीं होती है। उसे अपने माता -पिता की सम्पत्ति में समान अधिकार मिलने का हक़ है। और इस अधिकार को देने से लिव इन कपल बच नहीं सकता है। 

Live in Relationship – सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण वाद इंदिरा शर्मा V/S वीएवी शर्मा 2013 मेँ लिव इन रिलेशनशिप के विवाद को सुलझाते हुए सभी प्रश्नों के उत्तर दिए थे। और उन शर्तों व निर्देशो को भी तय किया जिसमे यह रिश्ता कब परिस्थितियों में मान्य होगा। 

भरण – पोषण से सम्बन्धित एक वाद चिनमुनिया V/S वीरेंद्र कुमार चिनमुनिया में साफ शब्दो में कहा है। कि – लिव इन रिलेशनशिप में रह रही महिला लिव इन पुरुष से धारा – 125 के अनुसार भरण – पोषण का अधिकार प्राप्त कर सकती है। पुरुष इस अधिकार से वंचित नहीं रह सकता है। 

प्रश्नः – SIR JI , क्या शादीशुदा लोग लिव इन रिलेशनशिप में रह सकते है। ?

Live in Relationship – भारत देश की उचत्तम न्यायलय ने अखलेश और अन्य V/S उत्तर प्रदेश स्टेट एंड other की रिट याचिका नंबर 6681 / 2020 का मामला सामने आया था कोर्ट ने इस याचिका की सुनवाई दौरान कहा – वह पुरुष या महिला पहले से ही शादीशुदा है। तथा कानूनी विवाह समाप्त न हुआ हो , व अन्य पुरुष या महिला से सम्बन्ध स्थापित है। न्यायलय इस प्रकार के कपल को संरक्षण प्रदान नहीं करेगा। 

न्यायलय ने इस वक्तव्य में कहा कि – विवाह की पवित्रता को बनाए रखना एक कानूनी अधिकार है। और कोई भी पक्षकार इन सम्बन्धो की जंजीर तोड़ना चाहता है तो तलाक के परिवाद के माध्यम से ले सकता है। न्यायलय ऐसे व्यक्तियों का साथ नहीं देता है जो कानून का पालन अनुशासन से नहीं करना चाहते है। 

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लिव इन रिलेशनशिप कानून कब बना?

सुप्रीम कोर्ट द्वारा साल 2010 में इस प्रकार के रिश्तो को नियम व शर्तो को मानते हुए लिव इन रिलेशनशिप को मान्यता प्रदान की है। वह पुरुष या महिला वयस्कता की अवस्था पूर्ण करने व किसी और बन्धन में न बंधे लिव इन रिलेशन में रह सकते है। 

Live in Relationship Agreement in Hindi

लिव इन रिलेशनशिप पार्टनर इस रिश्ते को चुनने के समय एक अग्रीमेंट भी साइन कर सकते है। इस कानूनी दस्तावेज को बनवाने का फायदा यह होता है की कपल किसी भी विवाद में नहीं फसता है। और वह एक दूसरे की जिम्मेदरियो से भाग नहीं सकते है। 

लिव इन रिलेशनशिप अग्रीमेंट के लिए डोकोमेंट्स क्या चाहिए ?

  • लड़के का आधार कार्ड / वोटर आईडी कार्ड फोटोकॉपी 
  • लड़के के दो फोटो 
  • लड़के का निवास प्रमाण पत्र 
  • लड़की का आधार कार्ड / वोटर आईडी कार्ड फोटोकॉपी 
  • लड़की के दो फोटो 
  • लड़की का निवास प्रमाण पत्र 

लड़का और लड़की दोनों की तरफ से एक शपथ पत्र भी बनवाया जाता है। स्टाप पर अग्रीमेंट तैयार करने के लिए आप 500 रूपए का ही लगवाए तो अच्छा होगा , वैसे अपनी इच्छा अनुसार भी चयन कर सकते है। मेट्रो शहर में इसका आवेदन फॉर्म भी मिलता है। आप उसके द्वारा भी नोटरी वकील से अटैच करवा सकते है। 

लिव इन रिलेशनशिप में रहने के क्या लाभ है। ?

1 – जीवनसाथी के प्रेम की पहचान होती है – Live in Relationship में रहने लाभ यह होता है की आपको पता चल जाता है जिससे जीवन की बागडोर जोड़ रहे है वह पार्टनर लाइफ टाइम लव करेगा या केवल आपका मिसयूज करेगा। आपने कई फ़िल्मी सितारों को की खबर सुनी होगी की वह इस हीरो / हीरोइन को डेट कर रहे है और कुछ समय शादी कर लेते है। 

2 – घर के खर्च में कमी – लिव इन रिलेशनशिप में रहते हुए कपल घर के खर्च को आपस में बाँट लेते है जैसे – घर का रेंट , घर का सामान , बिल इत्यादि 

3 – सेक्स की इच्छा में पूर्ण सहयोग मिलना – आप अपने साथी के साथ एक ही घर में निवास करते है ऐसे में आपको भौतिक सुख से दूर रहने के लिए तड़पना नहीं पड़ता है। और यह भी पता लग जाता है की आपका पार्टनर आपकी इच्छा पूर्ति के लायक है या नहीं | 

4 – अपने संबंधों के लिए भविष्य का नॉलेज होना – किसी भी रिश्ते की मियाद आपसी प्रेम , विश्वास , और सम्मान पर  निर्भर करती है। इन सबको परखने का समय मिलता है। 

5 – पार्टनर से अलग होने पर परेशानी नहीं होती है। – Live in Relationship में आपने लीगल दस्तावेज तैयार किया है और उसमे सभी शर्तो का उल्लेख भी हुआ है व इस सम्बन्ध को चलाने की समय – सीमा का निर्धारण का विवरण होता है। ऐसे में आप साथी के साथ जीवन नहीं बिताना चाहते , आपको किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है। 

लिव इन रिलेशनशिप में रहने के नुकसान क्या होते है। ?

1 – लड़की को अपने शोषण होने का डर लगना – Live in Relationship में आपने कोई अग्रीमेंट नहीं किया है जिस कारण लड़की यह सोचती है कहीं मेरा शोषण तो नहीं किया जा रहा जिससे लाइफ तनावग्रस्त हो जाती है। 

2 – लिव इन रिलेशनशिप में पुत्र होने की स्थिति में – लिव इन रिलेशनशिप में सन्तान हो जाने से बच्चे को नाम मिलने में कठनाई का सामना करना पड़ता है। बच्चे को समाजिक बुराई का सामना करना पड़ता है क्योकि सोसायटी इस प्रकार की सन्तान को नहीं अपनाती है। 

3 – सुप्रीम कोर्ट जजमेंट एकमात्र सहारा है। – संसद द्वारा लिव इन रिलेशनशिप पर कोई नियम पारित नहीं किया है। इसलिय किसी भी विवाद के निर्णय के लिए सुप्रीम कोर्ट सर्वोपरि है। उनके नियम व शर्ते ही आपको माननी होगी।