एन.डी.पी.एस. ( NDPS Act ) क्या होता है | Best Law Notes 2021
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एन.डी.पी.एस. ( NDPS Act ) क्या होता है | Best Law Notes 2021
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NDPS ACT – नारकोटिक ड्रग एंड साइकोट्रॉपिक पदार्थ अधिनियम – 1985 , जिसको आप आम भाषा मे (ndps act ) एनडीपीएस  एक्ट के नाम से जानते है।   एनडीपीएस  एक्ट का मुख्य उद्देश्य व प्रावधान यह है  की किसी भी नशीले पदार्थ की गैर कानूनी तरीके से खेती , उत्पादन , निर्माण , भंडारण , बिक्री , परिवहन या उपयोग / इस्तेमाल प्रतिबंधित करना है।  यदि कोई भी व्यक्ति इस अधिनियम के तहत किसी भी नियम व कानून का उल्घन करता है।  या ऐसा कुछ भी करता है / पाया जाता है।  तो ऐसा करने वाले व्यक्ति को कठोर कारावास से और जुर्माने से या दोनों से दण्डित किया जाएगा।  

  Ndps Act – एनडीपीएस एक्ट – 1985 के तहत इसकी स्थापना हुई थी।  Ndps act किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ  की रोकधाम के लिए इस एक्ट को बनाया गया है।  वह चाहे नशे का उत्पादन हो , उसका स्टोरेज हो , उसकी बिक्री हो , या फिर नशीले पदार्थ का ट्रांसपोर्ट करना हो , यह एक्ट हर तरह के नशे कि एक्टिविटी को रोकता है। 

NDPS ACT में किन दवाओं पर है प्रतिबंध

 ndps act  के तहत प्रतिबंधित दवाओं की एक लिस्ट जारी होती है यह लिस्ट केन्द्र सरकार जारी करती है।  यह लिस्ट समय – समय पर बदलती रहती है।  इसके लिए राज्य सरकारे भी सलाह देती है। ( Ndps Act ) 

 अब जैसा कि हमने बताया , लिस्ट मे दो तरह की दवाएं होती है।  – 

पहला – नारकोटिक यानि नींद लाने वाले ड्रग्स , नारकोटिक मे जो पदार्थ आता है , वह प्राकर्तिक होता है।  या फिर प्राकर्तिक चीजों से बनता है।  जैसे – चरस , गांजा , अफीम , हेरोइन , कोकेन , मॉर्फिन , आदि 

दूसरा  – साइकोट्रॉपिक यानि दिमाग पर असर डालने वाले ड्रग्स , इसमें जो दवाए आती है वो कैमिकल बेस्ड होती है।  जिन्हे दो – तीन तरह के कैमिकल से मिलाकर बनाया जाता है।  जैसे – एलएसडी ,  एम एम डी ए , अल्प्राजोलम  आदि  

 

तीन प्रमुख़ पौधे  – अधिनियम के अंतर्गत तीन प्रमुख़ पौधे है , जिनकी खेती , परिवहन , आयात , निर्यात , संग्रह , क्रय , विक्रय , उत्पादन , कब्ज़ा , और उपभोग अनुज्ञप्ति और इस अधिनियम के अंतर्गत किसी आदेश के बगैर दण्डनीय है।  

कोका का पौधा –   इस पौधे से मुखयतः कोकेन प्राप्त की जाती है।  कोकेन अत्याधिक नशीली होती है।  

कैनबिस का पौधा –  इसे सामान्यतः भांग का पौधा भी कहा जाता है।  इस पौधे की फूल , पत्तियों , और तने को सुखाकर गांजा बनाया जाता है।  भांग केवल पत्तियों से तैयार होती है इस पौधे कि मादा प्रजाति से एक गोंद जैसा द्रव निकलता है जिससे चरस बनती है।  

पोस्त का पौधा  – इसे अफीम के पौधे के नाम से जाना जाता है।  इसका एक फल होता है जिसे डोडा कहा जाता है।  डोडा पर चाकू मारने से दूध जैसा द्रव निकलता है।  जो सूखने पर अफीम बनता है।  डोडा के भीतर दाने होते है जिसे खस – ख़स के दाने कहा जाता है।  यह नशीले नहीं होते , इन्हे मेवों मे इस्तेमाल किया जाता है।  फल का ऊपर का सूखा हुआ भाग डोडा चूरा कहलाया जाता है।  जो नशीला होता है लेकिन अफीम से कम। ( Ndps Act )

इस पौधे से मॉर्फिन भी प्राप्त की जाती है जो दर्द निवारक और नींद के लिए प्रयुक्त होती है।  

ndps act ( photos )

NDPS ACT DRUGS CASE PUNISHMENT

ndps act – एनडीपीएस एक्ट के तहत मुख्य रूप से तीन तरह की सजाए होती है।  यह सजाए प्रतिबंधित पदार्थो की मात्रा के आधार पर होती है।  , मात्रा के आधार पर तीन तरह की सजाए होती है।

1 अल्प मात्रा या कम मात्रा – इसमे एक साल की सजा हो सकती है।  या फिर 10 हजार रूपए तक का जुर्माना  लगाया जा सकता है।  या फिर दोनों से ही दण्डित किया जा सकता है।  इस तरह का अपराध जमानती होता है।  यानि आसानी से जमानत मिल जाती है।  हलाकि बार – बार  पकड़े जाने पर जमानत मिलना मुश्किल हो जाता है। ( Ndps Act ) 

 2  वाणिज्यिक मात्रा ( कमर्शियल क्वांटिटी )  – इसके तहत 10 से 20 साल तक की सजा हो सकती है।  और 1 से  2 लाख रूपए तक जुर्माना शामिल है।  इस तरह के अपराध गैर जमानती होते है।  यानि पकड़े जाने पर जमानत नहीं मिलती है।  

3 अल्प मात्रा और वाणिज्यिक मात्रा के बीच की मात्रा – इसमें 10 साल तक की सजा और एक लाख रूपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।  या दोनों से ही दण्डित हो सकते है।  ऐसे मामलों मे जमानत मिलना न मिलना पकड़े गए नशीले पदार्थ और पुलिस की धाराओं पर निर्भर करता है। ( Ndps Act )  


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अपनी स्क्रीन पर यह टेबल देखिए , बात ये है कि नशीले पदार्थो की अल्प मात्रा या कमर्शिअल मात्रा अलग – अलग हो सकती है।  नशे के टाइप के हिसाब से मात्रा तय होती है। BUT राज्य सरकार द्वारा यह मात्रा बदलती रहती है।

ndps act में कार्यवाही कौन करता है। ?

Ndps Act in Hindi – इस एक्ट के तहत पुलिस भी कार्यवाही कर सकती है। व सेक्शन – 36 (4 ) मे 180 दिनों का चालान भी काट सकती है साथ और भी धाराओं को जोड़ सकती है।  इसके आलावा केन्द्र व राज्यों मे अलग से नारकोटिक्स विभाग भी बने हुए है।  जो नशीले पदार्थो की तस्करी व अवैध तरीकों के इस्तेमाल पर नज़र रखती है।  सर्वोच्च जाँच संस्था नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो है। जिसे ( NCB) के नाम से जानते है।  यह केन्द्रीय एजेन्सी है। यानि देश मे नशीले पदार्थो का मामला होने पर यह जाँच कर सकती है।  


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ndps act मे सजा किन धाराओं मे मिलती है।

एनडीपीएस एक्ट मे सजा के लिए कई प्रकार धाराए लगती है।  जिन्हे आप इस टेबल द्वारा समझ सकते हैं।  इसमें अफीम की खेती करना , ड्रग्स लाना – ले जाना , ड्रग्स की तस्करी करना , जबरन किसी को ड्रग्स करवाना , ड्रग्स का कारोबार करना या इसमें पैसा लगाना या फिर खुद ड्रग्स लेना , सब शामिल है। 

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अगर कोई व्यक्ति बार – बार अपराध करता है , तो पहले की तुलना अधिक सजा मिलती है।  साथ ही मृत्यु दंड भी दिया जा सकता है।  ऐसा ndps act – एनडीपीएस एक्ट की धारा – 31 क के अनुसार किया जा सकता है। 

पहला सवाल – क्या शराब भी ndps act मे आती है। ?

उत्तर –  नहीं , शराब इस कानून के अंतर्गत नहीं आती है।  शराब से जुड़े मामलो के लिए एक्ससाइज़ एक्ट होता है।  इसमें शराब से सम्बन्धित नियम है।  शराब के ndps act  मे नहीं आने के कई कारण है।  जैसे शराब का नशा , भाँग , गांजा , अफीम की तुलना मे अलग प्रकार का होता है।  साथ ही शराब प्रतिबन्धित दवाओं , पदार्धो मे नहीं आती है।  

दूसरा सवाल – चरस , गाँजा बैन है , तो भांग दुकानों पर क्यों मिलती है। ?

उत्तर –   भांग का नशा चरस व गाँजा से हल्का होता है।  क्योकि गांजे की तुलना मे भाँग मे टैट्रा हागिद्रोकानबिनोल ( THC) कम होता है।  THC की मात्रा कम या ज्यादा होने से नशे की मात्रा पर असर पड़ता है।  इसके आलावा ndps act – (एनडीपीएस एक्ट ) मे एक लूपहोल है।  जो भाग की खरीद , बिक्री , इस्तेमाल को आसान बनाता है।  इसका कारण है कि कानून मे नर पौधे से बनने वाली भांग पर प्रतिबन्ध नहीं है।  जबकि मादा पौधे से बनने वाली चरस , और गांजे पर है।  ऐसे मे भाँग के सरकारी ठेकों के द्वारा बेचा जाता है।  जिससे सरकार को आय प्राप्त होती है। 

NDPS ACT में 10 ग्राम ड्रग्स के लिए जमानत होगी या नहीं ?

उत्तर –  ndps act – (एनडीपीएस एक्ट ) की धारा – 27 के अनुसार किसी भी मादक नशीले पदार्थ के सेवन के लिए लगाई जाती है यह धारा अल्प मात्रा के सेवन के अन्तर्गत आती है। चूकि 10 ग्राम मात्रा अल्प मात्रा है। इसमें आपको जमानत मिल जायगी। 

परन्तु आपका कोई आपराधिक इतिहास न हो , व आप बार – बार न पकड़े गए हो , इसमें केन्द्र सरकार द्वारा समय – समय पर मात्रा मे परिवर्तन किया जाता है इस धारा मे सजा का प्रावधान है की 6 महीना की जेल व 10,000 ( दस हजार रूपए ) जुर्माना से भी दण्डित किया जा सकता है।  लेकिन ड्रग्स की मात्रा , अल्प मात्रा से ज्यादा व कमर्सिअल से कम तो धारा – 27 क अनुसार 1 साल की सजा व 20,000 रूपए तक जुर्माना से दण्डित किया जाएगा।  

ndps act सेक्शन – 15 ✒ पोस्ता के मामले मे उलंघन के लिए सजा का प्रावधान।

1 – इसमें पॉपी स्ट्रा ( पोस्ते ) के सम्बन्ध मे 1 किलोग्राम छोटी मात्रा मे शामिल है।  वहाँ उलघन करने पर व्यक्ति को 1वर्ष तक की कारावास या 10,000 रूपए जुर्माने से या दोनों से दण्डित किया जाएगा 

2 – जहाँ मात्रा 1 किलोग्राम से अधिक व व्यापारिक मात्रा 50 किलोग्राम से कम है।  वहां उलघन करने वाले व्यक्ति को 10 वर्ष की कारावास या 1,00000 ( एक लाख ) रूपए जुर्माने से या दोनों से दण्डित किया जाएगा।  

3 – जहाँ व्यापारिक मात्रा 50 किलोग्राम मे शामिल है।  वहां उलघन करने वाले व्यक्ति को 20 वर्ष की कारावास और 2,00000 ( दो लाख ) रूपए से दण्डित किया जाएगा।  परन्तु न्यायलय के निर्णय अनुसार जुर्माने की राशि को बढाया जा सकता है। 

 

एनडीपीएस एक्ट सेक्शन – 17 ✒ अफीम के मामलो मे सजा का प्रावधान।

1 – जहाँ अफीम की छोटी मात्रा के उलघन के सम्बन्ध मे 1 वर्ष की कारावास और 10,000 ( दस हजार ) रूपए जुर्माने से या दोनों से दण्डित होगा।  

2 –    जहाँ अफीम व्यापारिक मात्रा से कम व छोटी मात्रा से अधिक है।  तो 10 वर्ष का कारावास और ( 1 लाख रूपए ) जुर्माने से दण्डित किया जाएगा।  

3 – जहाँ अफीम के सम्बन्ध मे व्यापारिक मात्रा शामिल है।  तो ऎसा करने वाला व्यक्ति को 20 वर्ष कारावास व ( 2 लाख रूपए ) जुर्माने से दण्डित होगा।  

एनडीपीएस एक्ट सेक्शन – 20 ✒ भाँग / गाँजा के पौधे और भांग के मामलो के उलंघन के लिए क्या प्रावधान किए गए है विस्तार से समझाया गया है।  

अपराधी परिवीक्षा का लाभ से वांछित रहना –

अधिनियम के अंतर्गत दोषी व्यक्ति को अपराधी परिवीक्षा एवं दंड प्रक्रिया 1973 की धारा 360 का लाभ नहीं मिलता है।  

क्या है NCB? & NCB kya hota h

एनडीपीएस एक्ट के तहत पुलिस भी कार्रवाई कर सकती है. साथ ही केंद्र और राज्यों में अलग से नारकोटिक्स विभाग बने होते हैं. यह नशीले पदार्थों की तस्करी और इसके अवैध तरीके से इस्तेमाल पर नजर रखते हैं. नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में कार्रवाई करने वाली सबसे बड़ी जांच एजेंसी नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो है, जो नशीले पदार्थों का मामला होने पर देश में कहीं भी जांच कर सकती है. इसकी स्थापना 17 मार्च, 1986 को हुई थी.

एनडीपीएस एक्ट के तहत खास तौर से तीन तरह की सजाएं होती हैं. ये सजा प्रतिबंधित पदार्थों की मात्रा के आधार पर होती है.

( 1 ) अगर नशीली ड्रग्स का सेवन कम मात्रा में किया गया है, तो एक साल कैद की सजा या 10 हजार रुपए तक का जुर्माना हो सकता है. फिर दोनों हो सकते हैं. हालांकि, इसमें आसानी से जमानत भी मिल जाती है, लेकिन बार-बार पकड़े जाने पर जमानत मिलना मुश्किल हो सकता है.

( 2 ) कमर्शियल क्वांटिटी यानी खरीद-फरोख्त के मकसद से नशीले पदार्थ रखने पर एनडीपीएस एक्ट के तहत 10 से 20 साल तक की सजा और एक से दो लाख रुपए तक जुर्माना हो सकता है. इस मामले में पकड़े जाने पर जमानत नहीं मिलती.

( 3 ) अगर कम मात्रा और कमर्शियल क्वांटिटी के बीच की मात्रा में किसी के पास ड्रग्स मिलने पर 10 साल तक की सजा या एक लाख रुपए तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं. ऐसे मामलों में जमानत मिलना या न मिलना पकड़े गए नशीले पदार्थ और पुलिस की धाराओं पर निर्भर करता है.

इसमें पेंच ये है कि नशीले पदार्थों की कम मात्रा या कमर्शियल मात्रा अलग-अलग हो सकती है, जैसे एक किलो गांजा और 2 ग्राम कोकेन, दोनों अल्प मात्रा वाले अपराध में आते हैं. नशे के टाइप के हिसाब से मात्रा तय की जाती है. तो अब ये भी जान लीजिए कि कौनसी ड्रग्स की कितनी मात्रा कमर्शियल या अल्प मात्रा मानी जाती है.

( 1 ) 100 ग्राम तक चरस अल्प मात्रा में और 1 किलो कमर्शियल मात्रा में आती है.

( 2 ) दो ग्राम कोकेन अल्प मात्रा में और 100 ग्राम कमर्शियल में आती है.

( 3 ) एक किलो गांजा अल्प मात्रा है तो 20 किलो गांजे को कमर्शियल माना जाता है. CBD Oil गांजे के तेल को ही कहते हैं.

( 4 ) पांच ग्राम तक हेरोइन अल्प मात्रा में और 250 ग्राम कमर्शियल क्वांटिटी में शामिल किया गया है.

( 5 ) पांच ग्राम मॉर्फिन कम मात्रा में जबकि 250 ग्राम मॉर्फिन कमर्शियल में आती है.

( 6 ) 25 ग्राम अफीम की अल्प मात्रा है तो 2.5 किलो अफीम की कमर्शियल मात्रा है.

( 7 ) 10 ग्राम कोडिन को अल्प मात्रा तो 1 किलो कोडिन कमर्शियल माना जाता है.

( 8 ) वहीं आधा ग्राम MDMA या म्याऊं की अल्प मात्रा है और 10 ग्राम म्याऊं कमर्शियल माना जाता है.

निष्कर्ष – आशा करते है। आपको यह जानकारी अच्छी लगी होगी। इस जानकारी से सम्बंधित कोई प्रश्नः है। तो आप नीचे दिए कमेण्ट बॉक्स में पूछ सकते है। या आपकी पर्सनल सवाल है आप साइड कॉर्नर में LIVE Whatsapp Chat का ऑप्सशन दिया गया है लिख सकते है आपके प्रश्न का उत्तर दिया जाएगा। 


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