Nowruz Festival,पारसी नववर्ष | Best GK Hindi IAS Study 2022
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Nowruz Festival,पारसी नववर्ष | Best GK Hindi IAS Study 2022
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Nowruz Festival in Hindi – हर साल 21 मार्च को पारसी नववर्ष मनाया जाता है। यह ईरानियों का प्रमुख त्यौहार होता है। इसे नवरोज के नाम से जाना जाता है। इस त्यौहार को मनाने की परंपरा 3000 वर्ष पुरानी है।

विभिन्न पर्वो, व उत्सवों और मेलों के देश भारत ( India ) में हर समुदाय के पर्वों में समान उत्साह देखने को मिलता है. और हिन्दुओं का त्यौहार हो या मुसलमानों का या फिर ईसाईयों का यहां तक कि भारत में पारसी ( Parsi ) समुदाय के त्यौहारों की भी धूम देखने को मिलती है. आज हम पारसी समुदाय का मशहूर त्यौहार नवरोज ( Nowruz Festival ) यानि नया साल है.

Nowruz Festival – यह कजाकिस्तान और मध्य एशिया के अन्य ( Other ) देशों में वर्ष के पहले दिन के रूप में 22 मार्च को मनाया जाने वाला यह एक गैर धार्मिक ( Festival ) उत्सव है। और यह महाविषुव या वसंत के समय दिन और रात ( Day Night Equal ) के बराबर होने के दिन मनाया जाता है। यह एक प्रकृति प्रेम का उत्सव है।


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Nowruz Festival Hindi – आज हम पारसी समुदाय नवरोज मना रहा है. ‘नवरोज’ पारसी लोगों का प्रमुख नववर्ष माना जाता है. नवरोज का सही अर्थ ईरानी कैलेंडर के पहले महीने का पहला दिन होता है. और खबरों की मानें तो नवरोज मनाने की परंपरा लगभग  3000 साल पहले शुरू हुई थी.और पारसी समुदाय के नववर्ष को पतेती, या जमशेदी नवरोज और नवरोज जैसे कई और भी नामों से पहचाना जाना जाता है. तो आइए आज जानते हैं आखिर किस प्रकार  हुई इसे मनाने की शुरूआत 

आज से तीन हज़ार ( 3000 साल )  पहले जिस दिन ईरान में शाह जमशेद ने सिंहासन या गद्दी ग्रहण किया और उसे नया दिन या नवरोज़ ( Nowruz Festival ) कहा गया. यह दिन जरथुस्त्र (Zarathustra) वंशियों का नए वर्ष ( New Year ) का पहला दिन माना जाने लगा.और  यह त्यौहार विश्व के कई अन्य हिस्सों में समान हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है जैसे ईरान, इराक, व बरहीन, व लेबनान, व पाकिस्तान, व ताजिकिस्तान आदि. भारत ( India ) में भी यह दिन पारसियों का नया दिन माना जाता है.

Nowruz Festival ( images 1)
नवरोज़ त्यौहार में की गई सजावट

Nowruz Festival in Hindi – पारसी परंपरा के According  इस दिन लोग मेज ( Table ) पर कुछ पवित्र वस्तुएं रखते हैं. और इनमें जरथुस्त्र की तस्वीर, व मोमबत्ती, व दर्पण, व अगरबत्ती, व फल, फूल, चीनी, सिक्के आदि शामिल हैं. और माना जाता है कि इससे परिवार ( Family ) के लोगों की आयु और समृद्धि बढ़ती है.

Nowruz Festival in Hindi – नवरोज के दिन पारसी परिवार ( Family ) अपने उपासना स्थलों पर जाते हैं. और इस दिन उपासना स्थलों में पुजारी ( Prist ) धन्यवाद देने वाली प्रार्थना करते हैं और जिसे जश्न कहा जाता है. और इस दिन पवित्र अग्नि को लोग ( People ) चंदन की लकड़िया चढ़ाते हैं. और प्रार्थना के बाद पारसी ( Parsi ) लोग एक-दूसरे को साल मुबारक कहते हैं.

Nowruz Festival – भारत ( India ) में पारसी समुदाय आबादी के लिहाज से बेहद छोटा ( Small ) समुदाय है लेकिन यह नवरोज ( Nowruz ) जैसे अपने त्यौहारों के माध्यम से अपनी – अपनी परंपराओं को आज भी जीवित रखे हुए है. और भारत जहां हर धर्म व  जाति के लोगों को समान जगह और इज्जत दी जाती है वहां पर पारसी समुदाय के इस त्यौहार ( Festival ) की भी धूम देखने को मिलती है.


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नवरोज त्योहार कहाँ पर मनाया जाता है

Nowruz Festival  in Hindi – नौरोज़ ( Nowruz Festival ) ईरान में सबसे अधिक महत्वपूर्ण त्यौहार है, और इसी दिन देश का आधिकारिक नया वर्ष ( New Year ) शुरू होता है। यह फरवरी का दिन  का पहला दिन होता है और ईरानी ( Iran ) सोलर कैलंडर का पहला महिना भी होता है। और ईरान में परिवार ( Family ) मिल कर नए वर्ष को मनाते हैं।

क्या पारसी मुस्लिम होते हैं?

Nowruz Festival in Hindi – एक पारसी ( Parsi ) देश शिया मुस्लिम बहुल देश बन गया। और हालांकि सऊदी अरब ( Saudi Arabia ) वाले अब भी खुद को वास्तविक मुसलमान ( Real Muslim ) मानते हैं। और उन्हें लगता है कि ईरानी पारसी के मुस्लिम ( Muslim ) बने व जिनकी मुसलमानों से शत्रुता थी और भारतीयों ( Indian ) के बारे में मानते हैं कि वे हिन्दू ( Hindu ) से मुस्लिम बने हैं।

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नवरोज़ में ईरानी लड़कियाँ कार्यक्रम प्रस्तुत करती हुई

पारसी धर्म के मुख्य देवता कौन है?

Nowruz Festival in Hindi – पारसी ( Parsi ) एक ईश्वर को मानते हैं और जिन्हें पारसी अहुरा मज़्दा या होरमज़्द कहते हैं। और ऐसा  कहा जाता है कि पारसी ( Parsi ) ईश्वर  हिंदू वैदिक देवता वरुण से काफ़ी मिलते जुलते हैं। और पारसी ( Parsi ) धर्म में भी अग्नि को अत्यन्त ही पवित्र माना जाता है और पारसी लोग  उसी के माध्यम से अहुरा मज़्दा की पूजा होती है।

पारसी धर्म में शादी किस प्रकार होती है?

Nowruz Festival – ज्यादातर पारसी शादियाँ ( Parsi Marriage ) शाम को सूर्यास्त के थोड़ी देर बाद होती हैं। और यह विवाह की पूर्व रस्मों या रीति-रिवाजों में माधवसरो शामिल है और जो यह चार दिन पहले मनाया जाता है, और दूल्हे और दुल्हन के परिवार ( Family ) वाले एक बर्तन में एक युवा पेड़ लगाते हैं, और जबकि परिवार के पुजारी ( Prist ) द्वारा पूजा पाठ किया जाता है।

पारसी धर्म में अंतिम संस्कार कैसे होता है?


Nowruz Festival – पारसी ( Parsi ) धर्म में टावर ऑफ साइलेंस में अंतिम संस्कार किया जाता है.और  इसे दोखमेनाशिनी या दखमा भी नाम से जाना  जाता है. और यह एक खास प्रकार के गोलाकार जगह होती है और जिसकी चोटी पर मृत शवों को रखकर छोड़ दिया जाता है और ऊपरी आसमान के हवाले कर दिया जाता है. और फिर वहाँ गिद्ध आकर उस शव का सेवन करते हैं.