Police Ke Khilaf Shikayat Kaha Kare || Best नॉलेज बाबा 2022
Like and Share
Police Ke Khilaf Shikayat Kaha Kare || Best नॉलेज बाबा 2022
121 Views

Police Ke Khilaf Shikayat Kaha Kare – सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है। की पुलिस किसी को भी बिना वजह परेशान नहीं कर सकती है। पुलिस का कार्य अपराध को रोकना है न की बढ़ाना | पुलिस का व्यवहार सभी के लिए समान व निष्पक्ष होना चाहिए। 

Police Ke Khilaf Shikayat Kaha Kare – सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है। कि पुलिस बिना वजह किसी को परेशान नहीं कर सकती। पुलिस का काम अपराध को रोकना है, बढ़ाना नहीं। पुलिस का व्यवहार सभी के लिए समान और निष्पक्ष होना चाहिए। हमें इस आचरण से कोई विशेष समस्या नहीं है,” उन्होंने कहा। “हम मांग करते हैं कि पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त जवाबदेही के उपाय हों जो एक ड्राइवर को 2 बजे रोकते हैं या जब किसी आरोपी की मौत हो जाती है तो उसका पीछा करते हैं क्योंकि उन्हें पहले उसके अपराध को साबित करने वाले सबूत नहीं मिलते हैं।

Police Ke Khilaf Shikayat Kaha Kare – सुनवाई की तारीख अगले साल, “अखिलेश कुमार ने बीजू सिंह यादव के वकील किशोर भास्कर की जमानत अर्जी पर सुनवाई के बाद अदालत के बाहर संवाददाताओं से कहा। “वर्तमान में, हम उनके वचन को अपने आश्वासन के रूप में लेते हैं … यदि हमारे द्वारा लगाए गए सच्चे आरोप सच होते हैं, तो यदि आप ऐसे मामलों के तहत किसी को आपराधिक कार्रवाई का सामना करना पड़ता है, आपका नाम कुछ अन्य अधिकारियों जैसे अधिकारियों के साथ प्रमुखता से सामने आएगा, जिन पर गिरफ्तार किया गया है 

पुलिस कंप्लेंट अथॉरटी क्या है।

Police Ke Khilaf Shikayat Kaha Kare – माननीय सुप्रीम कोर्ट ने प्रकाश सिंह मामले का संज्ञान लेते हुए आदेश दिया की राज्य के हर जिले में ( police Complaint Authority ) एक संस्था सिमिति का निर्माण करने का आदेश दिया। यह संस्था पूर्ण रूप से बिना किसी दबाव के कार्य करती है। इस पर किसी भी कानूनी साजिश दांव – पेंच नहीं चलते है। क्योकि इसकी अगुवाई रिटायर्ड जज करते है। यह संस्था राज सरकार के अंडर में नहीं आती है इसलिय पुलिस इसमें किसी कार्य में दखल नहीं देती है। 

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है। कि पुलिस बिना वजह किसी को परेशान नहीं कर सकती। पुलिस का काम अपराध को रोकना है, बढ़ाना नहीं। पुलिस का व्यवहार सभी के लिए समान और निष्पक्ष होना चाहिए।

Police Ke Khilaf Shikayat Kaha Kare – ऐसे मामलों में जहां एक लोक सेवक द्वारा अन्य नागरिकों के खिलाफ उत्पीड़न की शिकायत होती है, दोनों स्थानीय अदालतें अलग-अलग नियम लेकर आई हैं कि उन फैसलों को कैसे आगे बढ़ाया जा सकता है। लेकिन इस तरह की रिपोर्ट केवल यह दर्शाती है कि लोगों पर निर्देशित कार्रवाई के रूप में की गई कार्रवाई भ्रष्टाचार या व्यक्तिगत उद्देश्यों की ओर होती है, लेकिन कभी भी न्याय को प्रभावित नहीं करती है।

Police Ke Khilaf Shikayat Kaha Kare – सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है। कि पुलिस बिना वजह किसी को परेशान नहीं कर सकती। पुलिस का काम अपराध को रोकना है, बढ़ाना नहीं। पुलिस का व्यवहार सभी के लिए समान और निष्पक्ष होना चाहिए। कोई भी यह मांग नहीं कर सकता है कि एक पुलिसकर्मी जिम्मेदारी लेता है या उससे उसके आदेशों का पालन करता है।


इसको भी पढ़े –

Delhi Street Food =इंजीनियर कपल जॉब छोड़ लगाया चाउमीन का ठेला|Best 2022


Police Ke Khilaf Shikayat Kaha Kare – जब किसी भी मामले में व्यक्ति को अनाव्यशक रूप से झूठे केस में फसाया जाता है या रिशवत देने के लिए मजबूर किया जाता है। वह किसी इम्पोर्टेन्ट काम के लिए जिसके लिए सरकार पहले ही अधिकारी को सैलरी के रूप में देती है। परन्तु अधिकारी अपने लालच से बाज नहीं आता है। इस प्रकार की घटनाओ से पीड़ित है तो यहाँ आप शिकायत कर कर सकते है।