मकान मालिक और किराएदार के अधिकार || Rights Of Landlord And Tenant | Best 2022
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मकान मालिक और किराएदार के अधिकार || Rights Of Landlord And Tenant | Best 2022
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Rights Of Landlord and Tenant in India – भारत के संबिधान ने देश के सभी नागरिको को सामान अधिकार दिए है सम्मान और न्यायपूर्वक जीवन जीने का अधिकार सभी को हमारे संबिधान ने दिया है। 

Rights Of Landlord And Tenant in Hindi – लेकिन हम कई बार जानकारी ( Information ) के आभाव में लोगो को न्याय से बंचित रहना पढता है और लोगो तक न्याय की पहुंच बड़े और उन्हें जो अधिकार ( Rights ) प्राप्त है बह अधिकार उन्हें मिले इसके लिए सरकार ( Government ) मुफ्त कानूनी सहायता देती है।

इसी प्रकार आज हम इस लेख में आपके कानूनों से ( Face to Face ) कराएँगे क्या है आपके Rights  और साथ ही हम जानेंगे की की आपकी Help  के लिए Government  ने क्या क्या प्रावधान किये है।

Rights Of Landlord And Tenant in India – महानगरों से लेकर छोटे-बड़े सभी शहरो की सबसे बड़ी Problems  है और रहने के लिए मकान या व्यापार के लिए एक Shop  मकान मालिक के लिए जहाँ कोई भी प्रॉपर्टी ( Property ) देना मुनाफा कमाने का एक वेहतर जरिया होता है।

और वहीं  किरायेदार को मकान-मालिक के साथ एक ताल-मेल मिला  के रहना एक बड़ी चुनौती होती है कई बार मकान मालिकों ( Landlord ) के मनमाने रबइये की वजह से किरायदारों ( Tenant ) को काफी परेशानिया झेलनी पढ़ती है।


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Rights Of Landlord And Tenant – वह इसलिए क्युकी प्रॉपर्टी का वह मालिक है और कानून भी ज्यादातर उनके हक़ में है BUT  अगर कुछ बातों का ख्याल रखा जाये तो किरायेदार के भी कानूनी अधिकारहै।

और अगर आप एक किरायेदार है या फिर जो मकान-मालिक ,( Landlord ) किरायेदार रखने  जा रहे है फिर आपके लिए जानना बेहद जरुरी है कि क्या होते है एक किरायेदार के कानूनी अधिकार।

किरायेदार के कानूनी अधिकार || Tenant’s Legal Rights

  • एक किरायदार के लिए सबसे पहले बात आती है। Agreement यानि समझौते की तो इसके में Government  ने यह नियम बनाया है कि कोई भी मकान-मालिक Rent Agreement के बीच में किरायदार का किराया नहीं बढ़ा सकता। सरल भाषा में समझे तो आपका एक बार अग्रीमेंट में जो किराया दर्ज हुआ है वह Agreement  ख़तम होने तक मकान-मालिक चाह कर भी Rent  नहीं बढ़ा सकता।
  • Rights Of Landlord And Tenant – और इसके अलावा मकान-मालिक किराया बढ़ाना चाहता है मकान-मालिक को 3 Month  पहले किरायेदार को एक Notice देना होगा या फिर किराएदार को 3 Month पहले यह सूचित करना होगा कि वह मकान का किराया बढ़ाने जा रहा है।
  • और आपके मकान-मालिक बिना आपको पहले  सूचना दिए अचानक से Rent  बढाते है आप उसका विरोध कर सकते है। वह इसलिए की आपका कानूनी अधिकार है और जो आपको सरकार द्वारा प्राप्त है।

Rights Of Landlord And Tenant ( images 1 )

Rights Of Landlord And Tenant in Hindi – यह की किरायेदार ( Tenant ) मकान-मालिक को जो किराये का भुगतान करता है  किरायेदार को उस मकान-मालिक से उस Rent की रशीद पाने का Rights रखता है, अर्थात आप किराया कैसे भी दे cash या फिर digital लेकिन यह आपका Rights है कि आप उससे उस भुगतान की Pay रसीद ले सकते है।


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मकान-मालिक मकान को Rent पर देते समय जो बॉन्ड होता है अर्थात जो सुरक्षा राशि होती है या फिर कहे की एडवांस Fees जो होता है वह सिर्फ 2 Month के किराये से ज्यादा नहीं मांग सकता। आप एडवांस Cash के तोर पर आप उसको सिर्फ 2 महीने का Rent ही दे सकते है।
  • आपका मकान-मालिक Agreement End होने से पहले मकान को खली करने के लिए नहीं कह सकता और वह  ऐसा करता है यो आप इसका विरोध करने का Rights सकते है।
  • इसी के साथ कई बार आपने सुना व देखा होगा | की किसी मनमुटाव के चलते मकान-मालिक ने किरायेदार ( Tenant ) की बिजली या पानी बंद कर दिया है आपका  मकान-मालिक ऐसा नहीं कर सकता है। Landlord को किरायेदार को सभी मूल-भूत सुबिधाये जैसे – पानी, बिजली उपलब्ध करनी होंगी। , ( Rights Of Landlord And Tenant )

* और इसी के साथ मकान-मालिक अगर अपना मकान किराएदार से खाली कराना चाहता है तो उसे पहले किरायेदार को अग्रिम Notice देना होगा अचानक न तो वह किरायेदार को Home  खाली कहने को कह सकता है न ही Rent बढ़ाने को।

Rights Of Landlord And Tenant in India – अगर मकान में कोई कमी है या कही पर टूट-फुट है जैसे – प्लास्टर गिरना, व पेंट आदि अर्थात अगर मकान मरम्मत की कंडीशन में है तो मकान-मालिक ( Landlord ) की यह जिम्मेदारी बनती की वह मकान में मरम्मत कराये और किरायेदार का यह Rights भी है कि वह उससे मरम्मत करने को कह सकता है।

अगर आप ऐसी जगह रहे है जहाँ आपका Rent 3500 रूपए से कम है तो मकान-मालिक 3 वर्ष में केवल 10% प्रतिशत से ज्यादा किराया नहीं बड़ा सकता। अर्थात मकान-मालिक सिर्फ 3 वर्ष  में आपके Rent में 10 % की ही बढ़ोतरी कर सकता है।

और काम की बात – जब किरायेदार मकान खाली करेगा तो मकान-मालिक ( Landlord ) ने जो बॉन्ड के रूप में धनराशि ली है वह  उसे वापस करनी होगी। , ( Rights Of Landlord And Tenant ) 

मकान मालिक के अधिकार || Landlord’s Rights

Rights Of Landlord And Tenant – हर मकान मालिक का यह Dreem होता है। कि एक दिन वह अपना मकान / दुकान Property  किराये पर उठाएगा। और Profit  कमायेगा। पर कई बार उसे कई प्रकार की परेशानी  झेलनी पड़ जाती है। वह इसलिए की आपका किरायेदार एक  बेईमान और धूर्त प्रवृत्ति का निकल जाता है। और  यह बहुत Problems पैदा कर सकता है।

कई किरायेदार तो Rent  भी नहीं देते हैं। और जबरन Property  पर कब्जा करके बैठ जाते हैं। और ऐसे में मकान मालिक का सुख चैन और रातों की नींद सब उड़ जाती है। और वह लगातार तनाव में  रहने लग जाता है। और वह  सोचता है। कि वह कैसे जल्द से जल्द अपनी प्रॉपर्टी किरायेदार ( Tenant ) से खाली करवा सकता है।

Rights Of Landlord And Tenant in Hindi – आज के इस  लेख में हम आपको कुछ जबरदस्त टिप्स देंगे। आप जिसे अपनाकर आप भी अपनी Property  किरायेदार से तुरंत खाली करा सकते हैं। इस Article  में आपको दुकान खाली करने के तरीके, व मकान खाली कराने के उपाय, व दुकान खाली करने के नियम, व किरायेदार के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट के फैसले, व पुराने किराए के कानूनी नियम, व दुकान किराया समझौते नियम आदि की सभी जानकारी मिलेगी।

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किराये पर घर या दुकान देते समय निम्न सावधानी बरतनी चाहिए –

आप किसी भी व्यक्ति को अपना घर / या Shop  किराये पर देने से पहले आपको कुछ बातों का अवश्य ध्यान रखना चाहिए। यदि आप इन Steps को Follow करते हैं। तो आप कभी भी किसी टैंशन में नहीं पड़ेगें। और यह बातें कुछ इस प्रकार हैं –

* 11 महीने का Rent Agreement जरूर बनवाएं –

Rights Of Landlord And Tenant – 11 महीने के Rent Agreement को कच्चा एग्रीमेंट समझा जाता है। आपका  किरायेदार ( Tenant ) घर या दुकान खाली करने से मना कर देता है। तो आप Court  में 11 महीने का Rent Agreement  दिखाकर यह बताया जाता है। कि मैंने छोटे समय के लिए यह Property  किराये पर दी थी। Government  को इसमें कोई टैक्स में लाभ नहीं मिलता है। 11 महीने का Rent Agreement  कोर्ट में दिखाने पर किरायेदार को स्टे नहीं मिलता है। इस प्रकार मकान मालिक केस जीत जाता है। हर साल आपको Rent Agreement  को रिन्यू करवाना चाहिए।

* किरायेदार का Police सत्यापन जरुर करवाये –

Rights Of Landlord And Tenant – जब भी आप अपनी Property किसी किरायेदार को दे तो उससे पहले Police  के पास व्यक्तिगत रूप से जाकर सत्यापन अवश्य करवाएं। और सभी मकान मालिकों के लिए यह बेहद जरूरी होता है। इससे आपको Information  मिल जाएगी कि किरायेदार का कोई क्रिमनल  रिकॉर्ड तो नहीं है।

 * पुराने मकान मालिक से पूछताछ करें –

जब भी आप अपना मकान या Shop  किसी किरायेदार को दे तो उसके पुराने  मालिक से उसका रिकॉर्ड जरूर चेक करें। वह समय पर किराया ( Rent ) देता है। या नहीं। क्रिमनल  प्रवृत्ति का है। या नहीं ये सब Information  आपको होनी चाहिये।

 * आप किरायेदार का बिजली व पानी का कनेक्शन न काटे

Rights Of Landlord And Tenant – जब भी किरायेदार Rent  देने से या घर खाली करने से मना कर दे व  Property  पर कब्जा कर ले तो उसका बिजली व  पानी का कनेक्शन नहीं काटना चाहिए, क्योंकि इस प्रकार  करने पर वह व्यक्तिगत रूप से बिजली व  पानी का कनेक्शन ले सकता है।

 * Property के Paper आपके नाम से होना चाहिए –

Rights Of Landlord And Tenant – यह बहुत Importent  है। कि जब भी आप किसी किरायेदार ( Tenant ) को अपनी दुकान या घर Rent  पर दे तो वह Property के Paper आपके नाम से होना चाहिए। यदि Property  आपके पिताजी, व दादाजी या फिर किसी और के नाम से है। इस प्रकार की  स्थिति में किरायेदार आपको परेशान कर सकता है। इसलिए बेहतर यह होगा। कि आप Property  के कागज अपने नाम से बनवा लें। और उसके बाद किसी किरायेदार को दें।

* रजिस्टर्ड Rent Agreement क्या होता है 

Rights Of Landlord And Tenant – कोर्ट के Order  के अनुसार कोई भी व्यक्ति किसी भी व्यक्ति को कोई भी Property  बिना रजिस्टर्ड किए किराए पर नहीं दे सकता है । किराएदार एवं मकान मालिक ( Landlord ) के बीच में अनुबंध तैयार किया जाता है उसे ही Rent Agreement  कहा जाता है ।

* मकान किराया भत्ता क्या होता है

ज्यादातर मल्टीनेशनल Company  में कार्य करने वाले व्यक्तियों को मिलने वाली सैलरी में एचआरए अर्थात Rent House  अलाउंस भी शामिल होता है। जिन व्यक्तियों के सैलरी में Rent House अलाउंस शामिल होता है, तो वह आइटीआर ( ITR ) फाइल करते समय छूट का Profit प्राप्त कर सकते हैं ।