Sunday Jazbaat : मुंबई ग्लैमर दुनियाँ का काला सच जिसने एक्टर को बनाया बार डांसर | Best True Story 2022
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Sunday Jazbaat : मुंबई ग्लैमर दुनियाँ का काला सच जिसने एक्टर को बनाया बार डांसर | Best True Story 2022
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Sunday Jazbaat – मेरी सच्ची कहानी , एक एक्टर बनने के लिए किसी के भी साथ सो जाओ तो हम पूरी औरत और  मना कर दो तो आधी औरत मुंबई ग्लैमर दुनियाँ काला पेपर 

Sunday Jazbaat – मैं राईमा ( काल्पनिक नाम ) रायपुर की रहने वाली हूं। और लगभग एक वर्ष पहले मैं अपने शहर रायपुर से मुंबई आई थी। इसलिए की मुझे फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में काम करना था। मैने रायपुर में छोटे-मोटे इवेंट्स और मॉडलिंग किया करती थी।

मेरा बॉडी फिगर अच्छा था जिसकी वजह से कई बार जज पैनल मुझसे कहते थे कि तुम मुंबई ( Mumbai ) क्यों नहीं जाती | इन सब बातों को सुनकर धीरे-धीरे मेरे अंदर मुंबई जाने की कसक बढ़ने लगी। और लोगों से हर दिन यह सुनती थी कि मुंबई की हवा में रुतबा व पैसा है। और आखिरकार एक दिन मैं अपनी Family को नाराज कर मुंबई चली ही आई।

Sunday Jazbaat – यहां आने पर सबसे पहले मैंने उन लोगों को कॉन्टैक्ट किया जो Facebook के जरिये मुझे पहले से जानते थे। Mumbai आने से पहले Social Media के जरिए ही गोरेगांव में एक घर देखा। जो एक  शेयरिंग में था। और वहां पर पहले से तीन Girls रह रही थी।


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अब मैं भी उनके साथ रहने लगी। फिर एक हॉल कमरे में मुझे जमीन पर एक गद्दा दे दिया गया। और उसी हॉल के दूसरे छोर पर एक और Girl का बिस्तर था। फिर मैंने अपना एक बैग और पॉलीथीन से अपना कुछ Importent सामान निकालकर एक अलमारी में सजा दिया। और कमरे में मेरे गद्दे के आसपास की जगह ही मेरी अपनी होती थी।

My Sunday Jazbaat – और फिर अगले ही दिन से मैं अपनी जान पहचान के लोगों से मिलने जाने लगी। और Mumbai में मीटिंग अक्सर अंधेरी या उसके आसपास ही हुआ करती थी। और मीटिंग वाले लोग कोरियोग्राफर, या कास्टिंग डायरेक्टर्स व कोऑर्डिनेटर्स थे।

मीटिंग में हर दिन एक ही सवाल- Bold कर लोगी या कॉम्प्रो करोगी 

Sunday Jazbaat – Mumbai की जिस चमकती दुनिया के बारे में मैं अक्सर सुना करती थी उसके काले पहलू से जब मेरा पहला सामना हुआ। तो कई दिनों तक मैं बिस्तर से नहीं उठ सकी। और मुझे Mumbai आए लगभग एक Month हो चुका था। और कहीं कोई Work नहीं मिल रहा था। BUT हर दिन चेहरे पर लीपापोती कर तैयार होकर मीटिंग करने जाओ और फिर खाली हाथ घर लौट आओ।

My Sunday Jazbaat True Story – और यहाँ पर ज्यादातर लोग तो फालतू में ही बुला लेते हैं, उनको तो बस आंख सेकने के लिए और अनापशनाप बातें करने के लिए। और उनके पास देने के लिए न कोई काम नहीं होता है। और  न ही कोई कॉन्टैक्ट। और फिर मै करती भी क्या, हमारे जैसे New फ्रेशर के पास इनके सिवा और कोई Network भी तो नहीं होता है।

Sunday Jazbaat ( images 2 )

और जब भी मीटिंग करने जाओ तो एक ही प्रश्नः होता था, की  Bold कर लोगी  या फिर कॉम्प्रो कर लोगी ,  कॉम्प्रो से उनका आशय काम के बदले किसी के साथ हमबिस्तर सोने से होता है।

Sunday Jazbaat True Story in Hindi – वो साफ -साफ कहते है। और अगर यह सब भी नहीं करना है तो फिर अपने आपको लॉन्च करने के लिए अच्छे प्रोजेक्ट में बराबर रूपए लगाओ। मैं Rich Family से नहीं थी कि अपने को लॉन्च करने के लिए रुपया लगा सकती। और मैं ऐसी भी नहीं थी कि काम पाने के लिए Bold  या कॉम्प्रोमाइज कर लेती।

Sunday Jazbaat in Hindi – मेरी कुछ समझ नहीं आ रहा था। और धीरे-धीरे Mind पर एक्टर बनने का फितूर उतरने लगा। और मुझे डिप्रेशन होने लगा। और थकान भी होने लगी। और कभी-कभी समुद्र को देखते हुए मन करता कि मै समुद्र में अंदर तक चली जाऊं व  डूब कर मर जाऊं।

और कभी मन करता कि मै Home  वापस चली जाऊं, BUT नहीं जा सकती थी। क्योकि मेरा समाज ऐसा नहीं था रायपुर में  इस बात का ढिंढोरा पिट चुका था कि मैं Mumbai एक्टर बनने गई हूं। और मुझे लगा कि बिना कुछ हासिल किए ऐसे ही चली जाउंगी तो बहुत बड़ी बेइज्जती होगी।

कोरियोग्राफर मुझसे बोला– Bold किए बिना काम नहीं चलेगा

My Sunday Jazbaat – लगभग दो Month बाद मुझे मेरे एक जानकार कोरियोग्राफर ने ऑडिशन के लिए नालासोपारा अपने House पर बुलाया। जानकार था इसलिए मैं बेफिक्र होकर उसके पास चली भी गई। इससे पहले भी वो कई बार मुझे एक रेस्त्रां में मिलता रहता था। और वह मुझे अपने साथ यहां-वहां मीटिंग्स में भी ले जाता था जहां पर फिल्मों में Work और Print शूट की लंबी-लंबी बातें होती। और मैं मन ही मन खुश हो गई कि चलो अब मुझे कुछ काम मिलना शुरू हो जाएगा।


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Sunday Jazbaat – उसने इस प्रकार से मेरे दिमाग के जाले साफ किए कि मुझे अपने साथ ही Bold सीन करके दिखाने के लिए कहा। और उसका कहना था कि वह यह देखना चाहता था कि मैं किस हद तक Bold  कर सकती हूं। उसके अनुसार  ही वह मुझे आगे किसी प्रोजेक्ट में भेजेगा। मैं थोड़ा सा अनकम्फर्टेबल महसूस करने लगी।
Sunday Jazbaat in Hindi – वह मुझसे बोला अगर तुम मेरे साथ ही ऐसे Bold सीन से हिचकिचाओगी तो वहां बहुत सारे लोगों के सामने यह सब सीन कैसे करोगी। और इसके लिए उसने मुझे हॉटशॉट App के कुछ वीडियो भी दिखाए। और उसने फिर कहा- इस प्रकार करो ऐसे करो, तुम तभी आगे बढ़ पाओगी। मेरे Mind  का रिमोट कंट्रोल अब उसके हाथ में पूरा आ चुका था, BUT  उसके बैड टच से  मैंने समझ लिया कि इसका इरादा मुझे लेकर ठीक नहीं है  मैं वहां से अपनी Room Meat  की बीमारी का बहाना बनाकर निकल गई।

मै कई दिन तक रोती रही, और खुद से घिन आती थी

Sunday Jazbaat in Hindi – Mumbai की चमकती दुनिया से यह मेरी पहला नजदीक से सामना था।  इसके बाद 6 Month  तक मैं ठीक से सो नहीं सकी थी। और कई दिन तक बिस्तर पर लेटी रही। मुझे भूख नहीं लगी। और अकेली रोती रही। और कोई ऐसा मेरे पास नहीं था जिसे मैं सब कुछ बता सकती। और करीब 6 Month  तक मैं नॉर्मल नहीं हो सकी। मुझे कभी अपने आप पर घिन आती तो कभी गुस्सा, कभी बहुत  रोना आता तो कभी ऐसी पत्थर-सी बैठी रहती। सब कुछ ऐसी ही चलता रहा।

मेरी हालत कुछ ऐसी हो गई थी। जिसमें  उलझे बालों में सिलवटें पड़ी चादर पर दीवार पर टांगे  फिर एक दिन एक Friends  के जरिए शॉर्ट Film  मिली जिसके लिए मुझे पहली बार  एक दिन के शूट के 2500 रुपए काम करने के मिले।

7 Month  दर-दर भटकने के बाद, अपने को कोरियोग्राफर के हाथों ठगी जाने के बाद पहली बार  जब 2500 रुपए हाथ में आए तो बंद मुट्ठी में पैसे भींच मैं फूट-फूट कर रोने लगी। और मैं धीरे-धीरे मैं Normal  होने लगी थी। और अब मुझे कुछ-कुछ काम भी मिलने लगा। जिसमें  अब वन-डे कैरेक्टर रोल हुआ करते थे। BUT  ऐसा साफ-सुथरा काम 3  से 4  महीनों में ही मिलता है। , ( Sunday Jazbaat )

मुझे जब भी हर दिन काम के लिए आने वाले फोन में सीधा कहा जाता है कि मैडम कॉम्प्रो Work  आया है, करेंगी क्या , और जो लोग Phone  पर ऐसा नहीं बोलते हैं वह एक बार  मीटिंग करने के बाद पूछते हैं कि आप कितनी Open  विचारों की हैं आप  क्या-क्या कर सकती हैं

विचारधारा यह थी कि दोस्ती में हमबिस्तरी अलाउड है

Sunday Jazbaat True Story – अभी हाल ही की बात है मुझे एक क्रिएटिव डायरेक्टर ने मीटिंग के लिए Phone कर बुलाया। और उसने कहा कि Ullu  OTT के लिए एक वेब सीरीज है। आपसे हम पहले  फोन पर बात करेंगे, और फिर आपको वैसा-वैसा Video पर करके दिखाना है।

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Sunday Jazbaat – उसने मुझे यह बात सोचने के लिए एक दिन वक्त दिया। मैंने काफी विचार और Phone करके काम करने के लिए मना कर दिया। उसने मुझसे Comment पास करते हुए कहा कि समझ तो मैं उसी Time  गया था कि आप यह काम नहीं कर पाएंगी, Best Of Luck  मैडम, आप इसी प्रकार  धक्के खा-खा कर काम कीजिए। और इस प्रकार  सुनने के बाद मैं सुबक-सुबक कर चादर में मुंह देकर बहुत रोती थी।

Sunday Jazbaat – इसी प्रकार  एक एक्टर से मैं मिलने गई। उसने मुझसे एक विज्ञापन ( Ad ) देने की बात कही। पहली मुलाकात में उसने मुझसे पूछा कि मै एक इंट्रोवर्ट हूँ  या Open  माइंडेड हूँ।  मैंने Answer  दिया कि कुछ मामलों में हूं और नहीं भी |

Sunday Jazbaat in Hindi – उसका Offer  मैं समझ गई थी जिसे मैंने मना कर  दिया। मैं वहां से सीधे अपने House  चली आई। और अगले दिन Phone  पर गुस्से में वह लाल-पीला होकर कहने लगा कि तुम एक आधी औरत हो, हमारे पास आ जाओ, हम पूरी बना देते हैं। मैं इस प्रकार  सुन फिर से डिप्रेशन में चली गई कि आपके साथ हमबिस्तर होने पर पूरी औरत हैं और सोने से मना कर दो तो हम आधी औरत हैं।

मैंने अब तय कर रखा है कि कॉम्प्रो Work नहीं करना है। मैंने यही विचार  कि यहां हर कोई नोचने के लिए तैयार बैठा है। आखिर कितनों के साथ हम सोएंगे, यहां इस काम का  कोई अंत नहीं है। यह दलदल है जिसमें बस हमें धंसते ही जाना है। मैं रात  भर सो नहीं पाती हूं और यही सोचती रहती हूं कि आखिर कब मुझे काम मिलेगा