Nazul Land, नजूल भूमि क्या है | Best Legal Knowledge 2022
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 Nazul Land, नजूल भूमि क्या है | Best Legal Knowledge 2022
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Nazul Land – नजूल भूमि वह भूमि कहलाती है। जिस भूमि पर किसी का भी मालिकाना अधिकार नहीं होता है। वह जमीन बिना वारिसों के खाली पड़ी रहती है। ऐसी जमीन को सरकार अपने अधिकार में लेकर प्रयोग करती है। 

आजादी मिलने के बाद यहां पाकिस्तान व बांग्लादेश से आए विस्थापितों को नजूल भूमि ( Nazul Land ) पर बसाया गया। नजूल भूमि वह होती है, जो न तो सरकार ( Government ) की न ही राजस्व गांव की। और इसलिए नजूल भूमि पर बसे लोगों को मालिकाना हक नहीं मिला। और जब नजूल नीति का अध्यादेश जारी हो जाएगा तो इसके बाद मालिकाना हक ( Ownership ) दिलाने की प्रक्रिया शुरु हो जाएगी।

आप इसको इस प्रकार भी जान सकते है। की नजूल भूमि ( Nazul Land ) एक रिहायशी जमीन होती है। इस प्रकार की जमीन सरकार के कब्जे में होते हुए भी सरकारी जमीन नहीं कहलाती है। 

History of Nazul Land in hindi

Nazul Land History in Hindi – नजूल भूमि का इतिहास बहुत पुराना है। यह अग्रजों की दमन नीति से शुरुआत होती है। और इस नीति को नाम दिया गया राज्य हड़प नीति , और अंग्रेजी शासन में जो लोग विद्रोह करते उनकी जमीन पर कब्ज़ा कर लेती थी। और सन 1857 के विद्रोह में भी यही हुआ था। 

Nazul Land – विद्रोही अपनी अपनी जान बचाकर भूमिगत हो गए और  उनकी जमीनें सरकार ने अपने कब्जे में लर ली। और इस समूचे कालखंड में विद्रोहियों की जो भी भूमि सरकार ( Government ) के कब्जे में आयी वह नजूल की जमीन कहलाई। और चूँकि अंग्रेजों के खिलाफ समूचे देश में विद्रोह हुआ और वह उन विद्रोहियों की जमीन ( Land ) कब्जे में ली गयी और इसीलिये पूरे देश में नजूल की जमीनें पायी जाती है।

नजूल भूमि ( Nazul Land ) पर जब किसी को पट्टा किया जाता है, तो पट्टेदार से प्रीमियम लिया जाता है। और प्रीमियम एक बार ही लिया जाता है। और जबकि पट्टेदार से भूमिकर हर साल लेने का प्रावधान है। जानकर बताते  हैं कि पहले नगर निगम का नजूल विभाग भूमिकर वसूलता था

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नजूल भूमि पर ( Nazul Land ) मालिकाना हक के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। और इससे नजूल भूमि पर बसे लोगों को मालिकाना हक ( Ownership ) मिलने की राह आसान हो गई है। और  प्रदेश सरकार जल्द नजूल नीति का अध्यादेश जारी कर सकती है। और इस फैसले से हक के लिए संघर्ष कर रहे लोगों में खुशी का माहौल है। और इसका फायदा करीब 20 हजार से अधिक परिवारों को मिल सकता है। और हक मिलने के लिए पहले जमीन को फ्री होल्ड ( Free Hold ) किया जाएगा। इसके लिए आदेश ( Order ) जारी होगा।

रुद्रपुर, व गदरपुर, व किच्छा, व हल्द्वानी व रामनगर में हजारों परिवार नजूल भूमि ( Nazul Land ) पर बसे हैं। और सबसे ज्यादा रुद्रपुर में परिवार बसे हैं। और बताया जाता है कि वर्ष, 1975 में अविभाजित उत्तर प्रदेश ( Utter Pradesh ) के तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी थे। और उन्होंने नजूल भूमि पर बसे लोगों को पट्टे देने के नोटिस ( Notice ) जारी किए थे, मगर फिर किसी कारण से लोगों को पट्टे नहीं मिल सके।

और इसके बाद मालिकाना हक को लेकर मांग ( Dimand ) उठती रही। उत्तराखंड बनने के बाद भी सभी दलों के लोग मालिकाना हक ( Ownership ) की मांग करते रहे हैं, मगर किसी भी सरकार ( Government ) ने हक नहीं दिला सकी। वर्ष, 2017 में भाजपा ( B.j.P ) की सरकार बनी और बाद में नगर निकायों के चुनाव के समय  रुद्रपुर में आयोजित जनसभा में वर्तमान  सीएम त्रिवेंद्र ङ्क्षसह रावत ने नजूल भूमि ( Nazul Land ) पर बसे लोगों को मालिकाना हक देने की घोषणा की थी।

Nazul Land images 1

हालांकि नजूल ( Nazul ) नीति बनाने की बात कही। सरकार की ओर से बनाई गई नजूल नीति को हाई कोर्ट ( High Court ) ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद खारिज ( Dismis ) कर दिया था। और साथ ही नजूल भूमि ( Nazul Land ) को खाली कराने के आदेश भी दिए थे। और इसके बाद प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court ) की शरण ली तो मामला फिलहाल विचाराधीन है।

त्रिवेंद्र रावत की जगह तीरथ ङ्क्षसह रावत को सीएम ( C.M ) बनाया गया, मगर वह भी  कम समय में हक नहीं दिला सके। और खटीमा के विधायक पुष्कर ङ्क्षसह धामी सरकार ( Government ) ने मालिकाना हक दिलाने का भरोसा दिलाया था। शुक्रवार को देहरादून में हुई कैबिनेट की बैठक में नजूल ( Nazul ) नीति के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। और इससे लोगों में खुशी का माहौल है। इस पर बताया जा रहा है

कि कागजों के मुताबिक रुद्रपुर में नजूल भूमि ( Nazul Land ) पर 14756 परिवार बसे हैं। और जबकि इससे अधिक यानी करीब 20 से 22 हजार परिवार ( Familys ) बसे हैं। और अब मालिकाना हक देने के फैसले से लोगों के चेहरे पर खुशी दिखी।  और हक मिलने से कालोनियां विनियमित भी हो सकती हैं।

नजूल भूमि किस एक्ट के अनर्गत आती है।

नजूल भूमि को सरकार द्वारा ( Nazul Land Transfer of Property Act – 1956 ) के अनुसार निर्धारण किया गया है। Government द्वारा इस भूमि को लीज पर दिया जाता है। और यह भूमि अधिकांश ( S.T , OBC , SC ) के परिवार वालों को दी जाती है। आप इस प्रकार की भूमि को खरीद या बेच नहीं सकते है। और इस भूमि का परिवार में किसी भी प्रकार से बॅटवारा नहीं कर सकते है। आपको जमीन जीवन याचिका चलाने हेतू प्रदान की होती है। 


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किन कालोनियों में है नजूल भूमि 

संजय नगर, व शिव नगर, व भदईपुरा, व रेशमबाड़ी, व पहाडग़ंज, व रम्पुरा, व सीर व गोटिया, व गांधी कालोनी, व सुभाष कालोनी, व आदर्श कालोनी, व  दरिया नगर, इंदिरा, बंगाली कालोनी में नजूल भूमि ( Nazul Land ) पर लोग बसे हैं। मालिकाना हक मिलने पर लोग सरकारी योजनाओं ( Government Scheme ) का लाभ लेने के साथ ही बैंक से लोन ( Loan ) भी ले सकेंगे।

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